माध्यमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षकों की अब लापरवाही नहीं चलेगी। पठन-पाठन के कार्यों की रिपोर्ट वह मनमाने तरीके से नहीं भर सकेेंगे। उन्हें प्रतिदिन अपने कार्यों का जिक्र शिक्षक डायरी में करना होगा।
विभाग ने शिक्षक डायरी के निरीक्षण के लिए टीमें तैयार की हैं। हाल ही में डीआईओएस के निरीक्षण के दौरान मिलीं खामियों के बाद यह कवायद शुरू की गई है। इससे लापरवाह शिक्षकों की मनमानी पर अंकुश लगेगा।
माध्यमिक विद्यालयों में पठन-पाठन की व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने के लिए विभाग की ओर से शैक्षिक पंचांग दिया जाता है। जिसके अनुसार विद्यालयों में पठन-पाठन कराए जाने का निर्देशित किया जाता है।
ताकि समय से कोर्स पूरा हो जाए। इसके अलावा विद्यालयों में शिक्षकों के कार्यों की रिपोर्टिंग के लिए शिक्षक डायरी दी जाती है। शिक्षक डायरी मेें शिक्षकों को पठन-पाठन संबंधी नियमित कार्यों का जिक्र करना होता है।
इसके लिए विभाग का सख्त निर्देश रहता है। मगर विद्यालयों में शिक्षक अपने कार्यों के प्रति तनिक भी रुचि नहीं दिखाते। पढ़ाई के बजाए वह मौज काटते हैं। इससे विद्यालयों मेें पठन-पाठन व्यवस्था बेपटरी हो जाती है। इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ता है।
नियमित पठन-पाठन न होने से बच्चों का कोर्स पूरा नहीं हो पाता। शिक्षकों की लापरवाही के चलते बच्चे मजबूर होकर कोचिंग का सहारा लेते हैं। मगर नए शिक्षासत्र में लापरवाह शिक्षकों की मनमानी नहीं चल पाएगी।
डीआईओएस डा. एसपी यादव ने लापरवाह शिक्षकों पर अंकुश लगाने की पहल की है। शिक्षक डायरी को लेकर उन्होंने गंभीरता दिखाई है। शिक्षक डायरी की पड़ताल के लिए तहसीलवार टीमें गठित की गई हैं। रानीगंज, लालगंज, कुंडा, सदर व पट्टी तहसील के माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों पर नजर रहेगी।
टीमेें समय-समय पर पड़ताल कर शिक्षकों की डायरी चेक करेंगी। लापरवाही मिलने पर प्रधानाचार्य एवं संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीआईओएस एसपी यादव ने बताया कि पठन-पाठन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षक डायरी में यदि लापरवाही बरती गई तो कार्रवाई की जाएगी।