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पर्दे-लाइट, मच्छरदानी तक उठवा ले गए अफसर

Wed, 25 Apr 2018 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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व्यवस्थाएं हटाने के बाद पंचायतभवन। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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कंधई मधुपुर गांव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चौपाल और रात्रि विश्राम के लिए प्रशासन की तरफ से की गई सारी व्यवस्थाएं हटा ली गई हैं। लगातार दो दिनों से चमक रहा पंचायत भवन फिर बदहाल हो गया है। अफसर लाइट लाइट तो ले ही गए, सीएम के रुकने के लिए तैयार किए गए कमरे के दरवाजे और खिड़कियों पर लगे परदे भी नहीं छोड़े।
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पंचायत भवन और उच्च प्राथमिक विद्यालय में चारों तरफ रखे गए फूलों के गमले भी हटा लिए गए। मच्छरदानी तक नहीं छोड़ी। पंचायत भवन में अब सिर्फ ऊपर पानी की टंकी और पाइप लाइन ही बची है। इसे लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर लाइट और पर्दे समेत अन्य सामान छोड़ दिए गए होते तो पंचायत भवन हमेशा जगमगाता रहता।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चौपाल और रात्रि विश्राम के लिए कंधई मधुपुर गांव और पंचायत भवन के साथ उच्च प्राथमिक विद्यालय को दुल्हन की तरह सजाया गया था। पंचायत भवन के साथ रास्ते में आकर्षक लाइटें लगाई गई थीं। चारों तरफ क्यारी बनाकर फूलों के गमले रखे गए थे। टाइल्स लगाने के साथ पंचायत भवन के ऊपर पानी की टंकी लगाई थी। जिस कमरे में मुख्यमंत्री को रुकना था, उसके दरवाजे और खिड़कियों पर पर्दे लगाए गए थे।
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पंचायत भवन के ऊपर भी लाइटें लगाई गई थी। उन्हें बाकायदा सीमेंट से जाम किया गया था। सीएम के साथ अफसरों के ठहरने के लिए दस नए कूलर लाए गए थे। चार पंचायत भवन में मुख्यमंत्री के कमरे के आसपास जबकि छह कूलर उच्च प्राथमिक विद्यालय के कमरों में अफसरों के लिए लगाए गए थे। मंगलवार सुबह सीएम का कार्यक्रम खत्म होने के बाद धीरे-धीरे पंचायत भवन और विद्यालय से एक-एक सामान हटाए जाने लगे।

अफसरों ने कमरों में लगे पर्दे तक नहीं छोड़े। फूलों के गमले भी उठा ले गए। बल्ब उखाड़ लिए गए। पंचायत भवन के ऊपर लगी लाइटें ईंटें तोडक़र निकाल ली गईं। कूलर भी हटा लिए गए। इसके चलते दो दिनों से जगमगा रहा पंचायत भवन फिर बदहाल हो गया। वहां सन्नाटा पसर गया। अफसरों की इस कारगुजारी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि पर्दे और लाइट नहीं हटानी चाहिए थी। इससे पंचायत की रौनक बनी रहती।  

सभी कूलर किराए पर आए थे। नए कूलर होने से क्या होता है। सौ की जगह डेढ़ सौ रुपये खर्च करने पर नए कूलर भी किराए पर मिल जाते हैं। लाइट और गमले मैंने नहीं हटवाए। प्रधान ने भी कुछ व्यवस्था की थी। सबसे ज्यादा व्यवस्था करने के बाद भी डांट भी मैं ही खा रहा हूं।  
जेपी मिश्रा, एसडीएम, पट्टी।  

पंचायत भवन और स्कूल भवन में सीएम के कार्यक्रम को लेकर लगाए गए एक-एक सामान सरकारी विभागों के लोग ले गए। कुछ भी नहीं छोड़ा। जो भी लगा था, सब उठा ले गए।  
शिवप्रसाद सिंह, प्रधानपति।  

बच्चे आए, सुबह नौ बजे ही बंद कर दिए स्कूल  
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम खत्म होने के बाद बुधवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय और मॉडल स्कूल खुले। सुबह आठ बजे बच्चे भी विद्यालय पहुंच गए, लेकिन उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि आज पढ़ाई नहीं होगी। चारों तरफ गंदगी और सामान बिखरे पड़े हैं। इसलिए सफाई कराई जाएगी। दरअसल मंगलवार को सीएम का कार्यक्रम खत्म होने के बाद लगातार दो दिनों से थके अफसर आराम करने चले गए। उनके जाते ही कर्मचारी भी धीरे से खिसक लिए। दिनभर अधिकारियों और कर्मचारियों ने सोकर थकान मिटाई। इसके चलते कार्यक्रम स्थल से सामान नहीं हटाए जा सके। बुधवार को अफसर और कर्मचारी पंचायत भवन और स्कूलों से सामान हटवाने में जुट गए। इसके चलते पढने आए बच्चों को सुबह नौ बजे छुट्टी कर घर भेज दिया गया।  

आपूर्ति विभाग और समाज कल्याण ने लगाया कैंप  
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चौपाल के दौरान पेंशन, शौचालय और राशनकार्डों में अनियमितता सामने आने पर मंगलवार से ही गांव में कैंप लगाकर समस्या दूर करने का निर्देश दिया था। बावजूद इसके मंगलवार को गांव में कैंप नहीं लगा। अफसर आराम करते रहे। बुधवार को आपूर्ति विभाग के लोगों ने शिविर लगवाया, लेकिन वहां एक प्राइवेट आदमी को रख दिया गया। वह राशनकार्डों के सत्यापन के लिए लोगों से फार्म जमा कराता रहा। कहा कि पहले फार्म जमा हो जाए। सत्यापन बाद में होगा। शाम को समाज कल्याण विभाग की तरफ से भी पेंशन आदि समस्याओं के लिए कैंप लगाया गया।  

सीएम के डांटने के बाद भी लापरवाह बने हैं डीपीआरओ  
कंधई मधुपुर गांव में सभी लोगों के घरों में शौचालय न बनने की शिकायत मिलने पर चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीपीआरओ को मंच पर बुलाकर फटकार लगाई थी। उन्होंने मंगलवार सुबह तक ही सभी लाभार्थियों के खाते में रुपये भेजने का निर्देश दिया था। इसके बाद भी डीपीआरओ लापरवाह बने हुए हैं। बुधवार को भी गांव में उनके विभाग की तरफ से कैंप नहीं लगाया जा सका। प्रधानपति शिवप्रसाद सिंह ने बताया कि डीपीआरओ का फोन आया था। उन्होंने शाम तक कैंप लगाने ीकी बात कही।  

चाय पीने बाजार में पहुंचे दयाराम, लोगों ने पूछा-क्या कहा सीएम ने  
दलित दयाराम सरोज बुधवार को चाय पीने के लिए किशुनगंज बाजार पहुंचे। इस दौरान लोगों ने उन्हें घेर लिया। पूछने लगे, सीएम ने क्या-क्या बात की, क्या पूछा। इस पर दयाराम ने कहा कि सिर्फ हालचाल पूछा। हमारा सौभाग्य था कि मुख्यमंत्री हमारे घर पर आए और भोजन किया। हमारे 45 हजार रुपये व्यवस्था करने में खर्च हो गए, लेकिभन हमें इसका गम नहीं है। भोजन के लिए लकड़ी के 25 पीढ़े भी बनवाए थे, लेकिन उनका उपयोग नहीं हो सका।
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