मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों और डॉक्टरों को तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों पर रात्रि निवास नहीं करने पर कड़ी नाराजगी जताई है। जिले में भी कई एसडीएम, सीओ और बीडीओ के साथ ही डॉक्टर अपने तैनाती स्थल पर रात्रि निवास नहीं करते हैं। रात में रुकने की बात तो छोड़ दीजिए, यहां तो कई ऐसे भी अफसर हैं जो प्रयागराज और जौनपुर से आकर ड्यूटी करते हैं।
जिले के रानीगंज तहसील में तैनात एसडीएम राहुल यादव को डीएम आवास के सामने आवास दिया गया है, जहां से वह प्रतिदिन रानीगंज आते-जाते हैं। सीओ रमेशचंद्र को ट्रांजिट हास्टल में आवास मिला है। एसडीएम पट्टी विनोद कुमार सिंह को कंपनी बाग के सामने एसडीएम सदर सत्यप्रकाश के बगल आवास मिला हुआ है, जबकि सीओ पट्टी जीडी मिश्र को ट्रांजिट हास्टल में आवास एलाट है।
इसके अलावा सांगीपुर ब्लॉक में तैनात बीडीओ साखी गोपाल दुबे अमेठी, लालगंज बीडीओ राजेंद्र प्रसाद तिवारी प्रयागराज, रामपुर संग्रामगढ़ के बीडीओ ओमप्रकाश मिश्र प्रयागराज, लालगंज सीएचसी अधीक्षक डॉ. अरविंद गुप्ता प्रयागराज, पट्टी और आसपुर देवसरा के बीडीओ आरपी सिंह प्रयागराज, लक्ष्मणपुर और मानधाता के बीडीओ आलोक कुमार सिंह जिला मुख्यालय, लक्ष्मणपुर सीएचसी के अधीक्षक डा. रजनीश प्रियदर्शी, मानधाता के सीएचसी अधीक्षक डा. संदीप सक्सेना प्रयागराज से नौकरी कर रहे हैं। कुंडा और कालाकांकर के बीडीओ विकास शुक्ला प्रयागराज, गौरा बीडीओ सर्वेंद्र सिंह, शिवगढ़ बीडीओ भूपेंद्र तिवारी, सीएचसी रानींगज अधीक्षक डॉ. मनीष मौर्या प्रयागराज, बाबागंज और विहार के बीडीओ बाबूराम पाल प्रयागराज और डा. शगुन मिश्रा प्रयागराज, संडवा चंद्रिका ब्लाक में बीडीओ एसएन पटेल और सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुनील कुमार यादव विशेष परिस्थितयों में ही रात्रि विश्राम करते हैं।
तहसील, ब्लाक और सीएचसी पर बना है आवास
जिले की पांचों तहसीलों में एसडीएम, सीओ, तहसीलदार और ब्लाकों में बीडीओ और सीएचसी पर अधीक्षक समेत सभी डाक्टरों के रहने के लिए आवास बनाए गए हैं। अधिकारियों के नहीं रहने से ज्यादातर आवास वीरान हो गए हैं। हालत यह हो गई है कि तहसील और ब्लाक मुख्यालय स्थित आवासों को अफसर दिन में कभी-कभार ड्यूटी के समय एक-दो घंटे के लिए इस्तेमाल करते हैं तो डाक्टर आवासों में निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं।
सभी अधिकारियों को सीएम के आदेश से अवगत करा दिया गया है। अफसरों ने उनके तैनाती वाले स्थल पर रात्रि निवास का प्रमाण पत्र लिया गया है। अफसरों और डाक्टरों के तैनाती वाले स्थानों पर रात्रि निवास की औचक जांच कराई जाएगी। अगर कोई गायब मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
शंभु कुमार, जिलाधिकारी।