जिले के 43,480 कुपोषित बच्चों का स्वास्थ्य जांचने और उन्हें सेहत सुधारने के लिए 22 मार्च तक पोषण पखवारा चलाया जाएगा। शहर से गांव तक कैंप का आयोजन कर बच्चों और किशोरियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करने के साथ ही गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों का इलाज भी किया जाएगा।
नौनिहालों और किशोरियों के सेहत लेकर एक बार फिर बाल विकास एवं पुष्टाचार विभाग सक्रिय हो गया है। जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या में कमी लाने के लिए नई पहल हुई है।
आठ मार्च से प्रारंभ होकर 22 मार्च तक चलने वाले कार्यक्रम में गांव-गांव स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा। बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से चलने वाले कार्यक्रम में गांव-गांव के बच्चों और किशोरियों की जांच की जाएगी।
दस मार्च को ग्रामीण पोषण दिवस का आयोजन किया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार यादव ने बताया कि जिले में 6,543 अति कुपोषित और 36,937 कुपोषित बच्चे हैं। उन्होंने बताया कि कुपोषण को दूर करने के लिए यह पखवारा मनाया जा रहा है।