रजिस्ट्री कार्यालयों में फर्र्जीवाड़े पर विराम लगाने के लिए अब आफलाइन बैनामा की व्यवस्था समाप्त कर दी जाएगी। अब ये काम ऑनलाइन किया जाएगा। जिले की चार तहसीलों में एक जुलाई से ऑनलाइन रजिस्ट्री का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। सदर तहसील में पहले से ही यह व्यवस्था लागू है। निबंधक कार्यालयों में बैमाने में अब खेल नहीं हो पाएगा। जिले के पांचों रजिस्ट्री कार्यालयों को ऑनलाइन करने के लिए कंप्यूटरीकृत किया जा रहा है। जिले की पांच तहसीलों के सदर निबंधक कार्यालय में पहले से ही यह व्यवस्था लागू है।
मगर कुंडा, लालगंज, पट्टी और रानीगंज निबंधक कार्यालयों में अभी आफलाइन व्यवस्था ही चल रही है। अब एआईजी स्टांप एसके त्रिपाठी का प्रयास रंग लाया है। उनकी मांग पर शासन ने चारों तहसीलों में कंप्यूटर लगवाने के लिए 25 लाख रुपये मंजूर किए हैं। एआईजी स्टांप एसके त्रिपाठी ने बताया कि चारों तहसीलों में कंप्यूटर लगाने की कार्रवाई अंतिम चरण में है। बीस जून तक टेस्टिंग होने के बाद एक जुलाई से ऑनलाइन रजिस्ट्री का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्री होने से फर्जीवाडे़ की आशंका खत्म हो जाएगी। जमीन बेचने वाले और खरीदने वाले दोनों की कंप्यूटर में फोटो ली जाएगी। इसके साथ ही पांचों उगलियों के निशान लगाने होंगे। उन्होंने बताया कि बैनामा लिखाने वाले व्यक्ति को स्टांप भी खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी। वह जमीन की मालियत के मुताबित बैंक में रुपये जमा कर सकते हैं।