ऑनर किलिंग की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए शासन ने कोर्ट मैरिज के नियमों में ढील दे दी है। शादी का रजिस्ट्रेशन कराने वाले युगल को अब गवाहों की आवश्यकता नहीं होगी। इसके लिए घर बैठे आनलॉइन आवेदन किया जा सकेगा। इसके बाद सब रजिस्ट्रार कार्यालय में आकर शादी का प्रमाणपत्र प्राप्त किया जा सकेगा।
शासन ने कोर्ट मैरिज के नियमों में ढील दे दी है। अगर बालिग युवक और युवती शादी करना चाहते हैं तो सब रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्ट्रेशन कारने के लिए गवाहों की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें सिर्फ उम्र का प्रमाणपत्र देना होगा। बालिग नहीं होने की दशा में शादी का रजिस्ट्रेशन संभव नहीं होगा। एआईजी स्टांप अविनाश पांडेय ने बताया कि प्रेम विवाह और अंतरजातीय विवाह के मामलों में अक्सर ऐसा देखने को मिला है कि परिवारवाले राजी नहीं होते। कई बार बात ऑनर किलिंग तक पहुंच जाती है। कोर्ट मैरिज के लिए पहले रजिस्ट्रेशन के दौरान गवाहों की जरूरत पड़ती थी। हालांकि अब रजिस्ट्रेशन कराना बहुत ही आसान हो गया है। आवेदक घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते है, सब रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचकर कुछ ही पल में शादी का प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकते हैं।