इन लोगों के लिए सरकार की सभी योजनाएं बंद कर दी गई हैं। केंद्र सरकार भले ही ऐसे लोगों को 31 दिसंबर तक की छूट देने की बात कह रही हो लेकिन अफसर इसे मानने को तैयार नहीं हैं।
आधार नंबर की अनिवार्यता ने महिलाओं और पुरुषों की मुसीबत बढ़ा दी है। इन लोगों को सरकारी विभाग की किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। राशनकार्ड, छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति, मोबाइल सिम, बैंक खाते सहित सभी जगह अब पहले आधार मांगा जा रहा है। जिले की कुल आबादी 31,73,752 में 29,98,844 महिलाओं और पुरुषों ने अपना आधार कार्ड तो बनवा लिया है, मगर 1,74,908 लोग ऐसे हैं, जिनके पास अभी तक आधारकार्ड नहीं है। 25 अगस्त को लखनऊ में हुई समीक्षा बैठक में यह आंकडे़ उभर कर आए हैं। आश्चर्य की बात तो यह भारत सरकार ने 31 दिसंबर 2017 तक आधार से छूट की समय सीमा तो बढ़ा दी है, मगर विभागीय अधिकारी इस बात को मानने को तैयार नहीं हैं।
आधार कार्ड बनवाने के लिए जिले भर में अभियान चला, विकास भवन में आधार मेला का आयोजन किया गया। मगर अभी तक पौने दो लाख परिवार ऐसे हैं, जिसका आधार नहीं बना है। ऐसी दशा में वह योजना से वंचित हो गए हैं। फिलहाल ग्राम पंचायत स्तर पर खुले जनसुविधा केंद्र, लोकवाणी केंद्रों पर भी आधार बनाया जा रहा है।