हॉटस्पॉट इलाके में स्थित जिला और महिला अस्पताल में सामाजिक दूरी का दायरा टूटता दिखा। डाक्टर को पहले दिखाने के चक्कर में मरीज धक्कामुक्की करते नजर आए। चिकित्सक भी इससे घबराए हुए थे। दोनों अस्पताल को मिलाकर 544 मरीजों की जांच और इलाज किया गया।
चौक इलाके को हॉटस्पॉट घोषित किया गया है। इसके चलते अब तक जिला और महिला अस्पताल की ओपीडी के संचालन पर शासन ने रोक लगा दी थी। शासन से सरकारी अस्पतालों में ओपीडी शुरू करने की छूट के बाद जिला और महिला अस्पताल में भी ओपीडी सेवा शुरू कर दी गई। जबकि यह दोनों अस्पताल हॉस्पाट इलाके में आते हैं। सीएमओ के निर्देश पर जिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर पीपी पांडेय और महिला अस्पताल की सीएमएस डॉक्टर रीना प्रसाद ने मंगलवार से ओपीडी सेवा शुरू की।
बुधवार को जिला अस्पताल में 210 मरीजों ने जांच और इलाज कराया। इन मरीजों में ज्यादातर लोग मौसमी बुखार, या फिर पेट, हाथ-पैर आदि के दर्द से पीड़ित थे। इसके अतिरिक्त 117 मरीज ऐसे आए थे जिनकी दवा लंबे समय से चल रही है। अस्पताल बंद होने के कारण उन्हें दवा नहीं मिल पा रही थी। वहीं महिला अस्पताल में 217 गर्भवती महिलाओं की जांच और इलाज किया गया। अस्पताल में भीड़ उमड़ने से सोशल डिस्टेंसिंग का दायरा टूट गया।
अबतक इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का इलाज हो जाता था, मगर सीएमओ के निर्देश पर ओपीडी को खोल दिया गया है। जगह कम होने और भीड़ अधिक होने से दिक्कत हो रही है।
रीना प्रसाद, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल
सीएमओ के निर्देश पर ओपीडी का संचालन शुरू किया गया है। जबकि जिला अस्पताल हॉटस्पॉट वाले क्षेत्र में है। भीड़ अधिक होने से परेशान भी होना पड़ रहा है। सीएमओ से ओपीडी सेवा बंद करने के लिए बात की गई है, मगर अभी तक किसी प्रकार का जवाब नहीं मिला है।
डॉक्टर पीपी पांडेय, सीएमएस, जिला अस्पताल।