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Pratapgarh News: 100 बेड के महिला अस्पताल में ईसीजी न अल्ट्रासाउंड

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सविता शुक्ला
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शहर मुख्यालय के 100 बेड के महिला अस्पताल का संचालन सात वर्ष पहले शुरू हुआ था। महिलाओं को सहूलियत देने के उद्देश्य से इसकी नींव रखी गई लेकिन आज तक अस्पताल में ईसीजी (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम) जांच शुरू न हो सकी। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की भी सुविधा नहीं है। इस वजह से महिलाओं को या तो मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है या फिर निजी पैथोलॉजी।
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जनवरी 2019 में महिला अस्पताल का निर्माण हुआ लेकिन अब तक अस्पताल में ईसीजी जांच मशीन नहीं खरीदी गई। अस्पताल को मेडिकल कॉलेज से भी संबद्ध कर दिया गया। अब तक मेडिकल कॉलेज के पांच प्राचार्यों का तबादला हो चुका है, लेकिन समस्या का समाधान किसी ने नहीं किया।
प्रसव पीड़िताओं को ईसीजी जांच के लिए मेडिकल कॉलेज में सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ओपीडी के बगल बने ईसीजी कक्ष में जांच करानी पड़ती है। वहां जांच न होने पर निजी केंद्रों में जेब ढीली करनी पड़ती है।
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ओपीडी में रोजाना करीब पांच सौ का होता है इलाज
महिला अस्पताल में एक दिन की ओपीडी करीब पांच सौ महिला मरीजों का इलाज होता है। वहीं, आईपीडी में 30 का। मेडिकल कॉलेज के आंकड़ों के मुताबिक, रोजाना करीब 150 गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड व 60 प्रसव पीड़िताओं की ईसीजी जांच कराई जाती है। बावजूद इसके दोनों जांच सुविधाएं महिला अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं। संवाद

ऑपरेशन के पहले ईसीजी अनिवार्य
महिला अस्पताल प्रशासन की ओर से गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन के पहले ईसीजी जांच अनिवार्य की जाती है। दोपहर दो बजे के बाद मेडिकल कॉलेज में भी ईसीजी जांच की सुविधा नहीं मिल पाती है। मजबूरी में मरीजों को निजी केंद्रों पर जांच करानी पड़ती है। सामान्य प्रसव के दौरान भी चिकित्सक ईसीजी जांच की सलाह देते हैं।
बोले लोग
- बेटी गर्भवती है। महिला अस्पताल के डॉक्टर ने ईसीजी जांच लिखी है। अस्पताल में जांच की सुविधा न होने की वजह से मेडिकल कॉलेज जाना पड़ा। इस हालत में बेटी को लेकर इधर-उधर लेना पड़ रहा है। - सविता शुक्ला, लालगंज
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बहू को लेकर महिला अस्पताल आया तो डॉक्टर ने ईसीजी जांच लिख दी, अस्पताल में इंतजाम न होने से निजी सेंटर पर जांच करानी पड़ी। अस्पताल में ही जांच की सुविधा मिलनी चाहिए। - राम खेलावन, सुखपाल नगर
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वर्जन -
नवागत प्राचार्य से ईसीजी मशीन की मांग की गई है। प्राचार्य ने मांग पत्र शासन को भेजा है। बजट मिलते ही ईसीजी मशीन की खरीद की जाएगी।
- डॉ. रमेश पांडेय, सीएमएस, महिला अस्पताल।

सविता शुक्ला

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