प्रतापगढ़। मोदी सरकार की स्वप्निल योजना बेल्हा में दम तोड़ रही है। केंद्र सरकार के आदेश पर डाकघर से आनलाइन गंगाजल बेचने की योजना बनी थी। इसके तहत आनलाइन मांग करने पर डाकघर ने 16 और 45 रुपये में गंगाजल घर पहुंचाने की योजना बनाई थी। जिले में बीते एक साल से यह योजना लागू है, लेकिन एक भी श्रद्धालु ने गंगाजल नहीं मंगाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों की मांग पर आस्था की प्रतीक मां गंगा का जल श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराने की योजना बनाई थी। अगस्त 2015 में इसकी जिम्मेदारी डाक विभाग को दी गई। डाक विभाग को गंगा जल बेचना था। इसके लिए 2 सौ एमएल और 5 सौ मिली लीटर की बोतलें बनाई गई थीं। केंद्र सरकार के आदेश के बाद बेल्हा में वर्ष 2016 में डाक विभाग ने गंगा जल श्रद्धालुओं तक पहुंचाने के लिए कवायद शुरू कर दी। इसे विभाग की लापरवाही कहें या फिर श्रद्धालुओं की उदासीनता। जिसके चलते साल भर बीतने के बाद भी गंगा जल डाकघर से मिलने की योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। जिले में 44 उप डाकघर व 318 शाखाएं हैं। प्रधान डाकघर से लेकर उप डाकघरों के जरिए गंगा जल श्रद्धालुओं तक पहुंचाया जाना था। डाक विभाग में तैनात कर्मियों की मानें तो श्रद्धालुओं के आनलाइन डिमांड के बाद ही गंगा जल मंगाया जाना था। बेल्हा में एक भी श्रद्धालुओं ने गंगा जल के लिए डिमांड नहीं की। इसमे डाक विभाग की कोई लापरवाही नही है।
जनपद से गंगा नदी गुजरी है। इसलिए श्रद्धालु डाकघर से मिलने वाले गंगा जल को विशेष महत्व नहीं दिए। श्रद्धालुओं के डिमांड न करने के कारण गंगा जल नहीं मंगाया गया। यदि कोई गंगा जल की डिमांड करेगा तो उसे जल उपलब्ध कराया जाएगा।
पीसी तिवारी, सहायक डाक अधीक्षक।