नोटबंदी से हो रही दिक्कत को देखते हुए नगर पालिका व नगर पंचायत भी कैशलेस को बढ़ावा देने की तैयारी में हैं। केंद्र सरकार के कार्ड एवं डिजिटल प्रक्रिया माध्यम से भुगतान करने के प्रचार प्रसार करने के निर्देशों के तहत नगर पालिका व नगर पंचायतें भी इस संबंध में कार्ययोजना बनाने की तैयारी करने में जुट गई हैं। इसके लिए बैंकों से बातचीत शुरू कर दी गई है।
पांच सौ और एक हजार के नोटबंद होने के बाद पुरानी नोटों से 15 दिसंबर तक गृहकर व जलकर जमा हो सकेगा। इसके बाद बैंकों में कैश न होने से कहीं टैक्स भुगतान में कमी न हो, इसके लिए संबंधित विभागों ने जोर आजमाइश अभी से शुरू कर दिया है। केंद्र सरकार भी आनलाइन भुगतान प्रक्रिया को लेकर बढ़ावा दे रही है। कैशलेस व्यवस्था का अधिक से अधिक उपयोग करने पर कैशबैक की सुविधा भी मुहैया होगी।
जबकि कुछ सेवाओं में छूट दिए जाने का भी प्राविधान है। नोटबंदी के बाद से लोगों को कहीं न कहीं रुपये न मिलने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्यओं को देखते हुए लोग भी अब आनलाइन पेमेंट, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड व ई वालेट आदि विभिन्न प्रकार के मोबाइल एप का सहारा लेना शुरू कर दिया है। इस व्यवस्था का प्रयोग कर नगर पालिका व नगर पंचायत भी करने की कवायद में जुट गई है। इस बाबत ईओ नगर पालिका अवधेश यादव ने बताया कि इस नई व्यवस्था के लिए शासन के आदेश का इंतजार है। हालांकि संभावनाओं को देखते हुए इस प्रक्रिया को लागू करने के लिए बैंकों से भी बातचीत की जा रही है। ताकि गृहकर व जलकर का आनलाइन भुगतान हो सके।