इंटर मीडियट परीक्षा में प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल करने वाली निष्ठा डाक्टर बनना चाहती है। पिता के सपनों को पूरा करने के वह रोज छह से आठ घंटे तक पढ़ाई करती थी। उसे जब पता चला कि उसे प्रदेश में पांचवां स्थान मिला है तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसके घर के लोग भी खुशी से उछल पड़े।
कुंडा कस्बे के करेंटी रोड पर पर ही कमलेश यादव निवास करते हैं। उनकी बेटी निष्ठा तुलसी इंटर कालेज में पढ़ती है। पढ़ाई के दिनों में डाक्टर बनने के लिए कभी कमलेश यादव ने भी मेहनत की थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सके थे। ऐसे में उन्हें बड़ी बेटी से उम्मीदें हैं। बेटी ने भी पिता के सपने को पूरा करने के लिए दिन रात पढ़ाई की। वह रविवार को ननिहाल गई थी। अमर उजाला टीम उनके घर पहुंची तो उन्हें इसकी जानकारी हुई। आनन-फानन वह बेटी को लेने निकल गए। इसके बाद तो जैसे घर में खुशियां ही खुशियां छा गईं।
उसकी मां छोटी बहन और छोटा भाई भी खुशी से चहक रहे थे। उसने बताया कि वह पिता के सपने को डाक्टर बनकर पूरा करेगी। पढ़ाई के अलावा उसे संगीत सुनना पसंद है। फिलहाल विद्यालय परिवार भी उसके 96.2 प्रतिशत अंक लाने पर गौरवान्वित हो रहा है। उधर तुलसी इंटर कालेज की ही अजय त्रिपाठी की पुत्री श्वेता ने 95.9 प्रतिशत अंक लेकर विद्यालय में दूसरा और जिले में स्थान बनाया है। घर में उनके पिता के साथ ही मां बाबा और छोटी बहन भाई सभी उसे बधाई दे रहे थे। उसकी छोटी बहन भी हाईस्कूल में अच्छे अंकों से पास हुई है। श्वेता का कहना है कि वह आईएस बनकर लोगों की सेवा करना चाहती है। आगे जाने का श्रेय वह अपने परिजनों को देती है।