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मनमाने तरीके से हुआ विद्युतीकरण सर्वे

Tue, 22 Mar 2016 10:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
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जिले में शहरी और ग्रामीण विद्युतीकरण का कार्य शुरू नहीं हो पाया कि उसकी सर्वे रिपोर्ट पर उंगली उठने लगी। सर्वे रिपोर्ट में अपने को अनदेखी किए जाने से खफा पूर्व विधायकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री के सामनेे विद्युतीकरण सर्वे रिपोर्ट को ही झूठा बता दिया। बोले कि सर्वे के लिए जिम्मेदार लोगों ने डीपीआर सही नहीं बनाया है। जिससे जरूरतमंद और गरीबों को मिलने वाली बिजली का सपना पूरा नहीं हो पाएगा। मंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लिया और सर्वे करने वाली बिजली कंपनियों से इस तरह की शिकायतों को दूर करने का सख्त निर्देश दिया है।
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केंद्रीय राज्यमंत्री पीयूष गोयल के बोलने से पहले के वक्ताओं ने शहरी और ग्रामीण विद्युतीकरण की सर्वे रिपोर्ट पर सवाल खड़े कर दिए। पट्टी के पूर्व विधायक और मंत्री राजेंद्र प्रताप मोती सिंह ने कहा कि जो रिपोर्ट तैयार की गई है उसमें कई बिना बिजली के गांव और पुरवों को छोड़ दिया गया है। जनप्रतिनिधियों से इस बारे में राय तक नहीं ली गई। यही बात पूर्व विधायक राम शिरोमणि शुक्ला और लक्ष्मी नारायण गुरु जी ने भी कही। पूर्व विधायक बृजेश सौरभ ने गड़वारा में 132 केवी उपकेंद्र को उच्चीकृत न करने का मुद्दा उठाया। हालांकि मंत्री ने इसको फौरन स्पष्ट कर दिया। कहा कि वह उच्चीकृत हो चुका है। इसकी जानकारी ले लें। भाजपा के वरिष्ठ नेता गणेश नारायण मिश्र ने कहा सर्वे रिपोर्ट मनमानी तरीके से तैयार कर ली गई। योजना केंद्र सरकार की है, मगर इस बारे में यहां के भाजपा नेताओं से पूछने की जरूरत नहीं समझी गई। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री स्वतंत्र प्रभार पीयूष गोयल ने भाषण के दौरान इसका जवाब दिया। बोले कि ऐसा नहीं होने पाएगा। कार्यकर्ताओं की मेहनत की बदौलत ही सरकार बनी है।
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