लोक निर्माण विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की डिक्की से उचक्कों ने 20 हजार रुपये की रकम उड़ा दी। मामले की जानकारी पर परेशान कर्मचारी कोतवाली गया लेकिन पुलिस ने न तो उसकी तहरीर ली न ही मौके पर जांच के लिए गई। 24 घंटे के भीतर डिक्की से पैसा गायब होने की यह दूसरी घटना है। लगातार घटनाओं से जाहिर है कि कोई गैंग यहां सक्रिय हो चुका है। इसके बाद भी पुलिस सुस्त है।
गजरिया गांव निवासी मिठ्ठू लाल पाल लोक निर्माण विभाग में गैंगमैन है। शनिवार की दोपहर वह स्टेट बैंक की पट्टी शाखा पर गया और खाते से पच्चीस हजार रुपये निकाले। पांच हजार रुपये उसने जेब में रख लिया। जबकि 20 हजार उसने अपनी मोपेड की डिक्की में डाल दिए। धूप अधिक होने के कारण पैसा लेने के बाद वह बैंक के करीब ही नल पर पानी पीने लगा। इस बीच उसकी डिक्की तोड़कर 20 हजार की रकम निकाल ली गई। वह कोवताली गया लेकिन उसका आरोप है कि पुलिस ने उसकी सुनवाई नहीं की उल्टे उससे पासबुक गायब होने की तहरीर मांगने लगी।
लोक निर्माण कर्मी की माने तो पुलिस ने उसकी सूचना के बाद जांच करना भी गवारा नहीं किया प्राथमिकी दर्ज करना तो दूर की बात रही। जबकि बीते शुक्रवार को उमेश जायसवाल निवासी औराइन की भी डिक्की तोड़कर बैंक से निकाली गई एक लाख की रकम उड़ा दी गई थी। युवक ने लूट की सूचना दी और जिस पर उसे झूठी कहानी गढ़ने के नाम पर पुलिस की हिरासत में रहना पड़ा। हालांकि बाद में पुलिस ने उसे देर शाम रिहा कर दिया था।