जिला अस्पताल में लगीं मर्करी लाइटें काफी दिनों से खराब पड़ी थीं। इससे रात में अंधेरा छाया रहता था। मरीज व उनके साथ आने वाले तीमारदार सहमे रहते थे। बदमाश अंधेरे का फायदा उठाते थे। इससे संबंधित खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद जिला अस्पताल में लाइटिंग की व्यवस्था की गई। रविवार की रात जिला अस्पताल दूधिया रोशनी से जगमगा उठा।
परिसर में लगीं मर्करी छह माह से शोपीस बन कर रह गई थीं। शाम ढलते ही अस्पताल परिसर में घुप अंधेरा छा जाता था। मरीज व उनके तीमारदार गिरकर चोटहिल हो जाते थे। परिसर में उजाला रखने के लिए लगीं खराब मर्करी लाइटों की ओर न तो सीएमएस की निगाह पड़ रही थी और न ही सीएमओ की। अंधेरा का फायदा उठाते हुए बदमाश वार्ड से चोरी कर भागने में सफल हो जाते थे।
24 अप्रैल के अंक में ‘अमर उजाला’ ने ‘शाम ढलते ही अंधेरी गुफा हो जाता है जिला अस्पताल’ शीर्षक से इससे संबंधित समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया। तब जाकर अधिकारियों की नींद टूटी और अस्पताल परिसर में लाइटिंग की व्यवस्था की गई। रविवार की रात जिला अस्पताल परिसर दूधिया रोशनी से जगमगा उठा। परिसर में मौजूद लोगों ने अमर उजाला को धन्यवाद दिया।