इलाहाबाद प्रकरण को लेकर गुरुवार को भी अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी रही। तय हुआ कि बेल्हा के अधिवक्ता भी इलाहाबाद में होने वाली वकीलों की महापंचायत में शामिल होने जाएंगे। साथियों की समस्याओं को लेकर अधिवक्ताओं ने एक ज्ञापन मुख्य न्यायाधीश को भेजा है। इलाहाबाद की कचहरी में वकील की हत्या करने वाले दरोगा को शरण देने वाले डीएम और एसएसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर गुरुवार को भी वकीलों की हड़ताल जारी रही। न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए नारेबाजी करते हुए वकीलों ने सभी सरकारी कार्यालय बंद करा दिए। ऐलान कि इलाहाबाद के वकीलों के संघर्ष में बेल्हा के भी अधिवक्ता पूरी तरह साथ हैं।
निर्णय लिया गया कि 20 मार्च को इलाहाबाद में होने वाली महापंचायत में यहां के वकील भी शामिल होंगे। जूबाए अध्यक्ष कमलेश चंद्र पांडेय ने कहाकि पूर्व में दीवानी में पुलिस के लाठीचार्ज के मामले में कार्रवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश को आने पर अवगत कराया जाएगा। महामंत्री गिरीश मिश्रा ने कहाकि महापंचायत से लौटने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। शुक्रवार को भी वकील न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। इस मौके पर राजेश कुमार मिश्रा, खलील अहमद, केएन मिश्रा, मुकेश ओझा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
वहीं दूसरी ओर जूबाए के अध्यक्ष भूपेंद्र नाथ शुक्ला ने मुख्य न्यायाधीश को संबोधित एक ज्ञापन जिला जज को सौंपा। इसमें इलाहाबाद की घटना के साथ ही जनपद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जोड़ने समेत अन्य मांगें शामिल थीं। महामंत्री दिनेश पांडेय ने कहाकि इलाहाबाद के डीएम-एसएसपी को हटाने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर गया प्रसाद मौर्य, विनोद त्रिपाठी, निर्भय सिंह, विक्रम सिंह, रमेश राव, संतोष पांडेय समेत अन्य लोग मौजूद रहे।