उदयपुर थाना क्षेत्र के रांकी गांव में पुलिस का खौफ लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। यहां पुलिस की जीप फूंकने, गाली गलौज करने के साथ बलबा करने के मामले में मुकदमा दर्ज होने की खबर फैलते ही गांव के तमाम लोग घर छोड़कर भाग गए हैं। गांव में हैं तो सिर्फ बूढ़ी औरतें। गांव में तनाव को देखते हुए अभी पीएसी तैनात है। बुधवार के दिन गांव में शांति बनी रही। एसडीएम और सीओ गांव क ी स्थिति के बारे में जानकारी लेकर आला अफसरों क ो अवगत कराते रहे।
सोमवार की रात गांव के दीपक यादव पर हुए हमले में जीभ काटने और फायरिंग की खबर पर उदयपुर पुलिस रांकी गांव पहुंची थी। जहां गांव के तमाम उपद्रवी लोगों ने एक दरोगा को बंधक बना लिया था और पुलिस की जीप को तोड़कर आग के हवाले कर दिया था। इस मामले में एसओ उदयपुर संतोष दूबे ने गांव के श्यामशंकर, सुरेंद्र समेत तेरह को नामजद तथा लगभग पांच दर्जन अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना की जांच कर रहे सांगीपुर थानाध्यक्ष एमपी तिवारी ने नामजद सभी तेरह लोगों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।
एफआईआर में अज्ञात की खबर पाकर गांव की तमाम महिला, पुरुष तथा नई उम्र के युवकों ने घर छोड़ दिया है। उनको डर है कि कहीं पुलिस उनको न जेल भेज दे। बुधवार को कई घरों में सिर्फ बूढ़ी औरतें ही मिली। घटना को लेकर कोई कुछ बताने को तैयार नही है। इस मामले में एसओ संागीपुर एमपी तिवारी से बात की गई तो उनका कहना था कि जो लोग घटना में शामिल नहीं हैं, उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। पर जो शामिल हैं उनको किसी कीमत पर छोड़ा भी नहीं जाएगा।
उदयपुर थाना क्षेत्र के रांकी निवासी दीपक यादव पुत्र कल्लू का इलाज एसआरएन में चल रहा है। बुधवार के दिन भी घायल दीपक की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली तो एसओ संतोष दुबे उससे तहरीर लेने के लिए इलाहाबाद रवाना हो गए लेकिन रास्ते से ही उन्हें लौटना पड़ा। देर रात तक दीपक की ओर से पुलिस को कोई तहरीर नहीं मिली।