शासन ने उर्वरक की मनमानी बिक्री पर रोक लगाने के लिए ई-पॉस मशीन का नया वर्जन लागू किया है। अब अपडेट की जाने वाली ई-पॉस मशीन से ही उर्वरक का वितरण किया जाएगा।
साधन सहकारी समिति और निजी दुकानों की 200 मीटर की दूरी के बाद मशीन काम नहीं करेगी। जिले के 173 साधन सहकारी समितियों पर बिक्री कार्य चल रहा है। वहीं, छह हजार निजी दुकानों पर भी उर्वरक बेचे जा रहे हैं। गेहूं बोआई के बाद पहली सिंचाई कर किसान यूरिया उर्वरक खरीद रहे हैं। उर्वरक के नाम पर कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए ई-पॉस मशीन का 3.31 वर्जन जारी किया गया है। अगर कोई किसान खाद ले रहा है तो उसके अंगूठा लगाते ही पहले की खरीद का डेटा भी मशीन पर दिखाई देगा। इससे खतौनी के हिसाब से खाद बिक्री में सहकारिता और कृषि विभाग को सहूलियत होगी।
रात आठ बजे के बाद खाद बिक्री की तो देना होगा स्पष्टीकरण
जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि कई दुकानदार रात में उर्वरकों का वितरण कर किसानों से अधिक दाम वसूलते थे। कहीं भी मशीन लगाकर बिक्री भी कर लेते थे। नए वर्जन से इस खेल पर पूरी तरह से रोक लगेगी। उन्होंने बताया कि अगर कोई दुकानदार व समिति का सचिव रात आठ बजे के बाद उर्वरक की बिक्री करता है तो उसे स्पष्टीकरण देना होगा। दुकान के स्टॉक का विवरण भी ई-पॉस मशीन के माध्यम से पोर्टल पर दिखाई देगा। इससे अवैध स्टॉक के भंडारण भी रोक लग जाएगी।
समितियों पर खाद उपलब्धता की स्थिति
यूरिया- 3,349
डीएपी- 1,138
एनीपीके- 375
नोट- खाद की उपलब्धता मीट्रिक टन में