जिले के 118 आतिशबाजों को लापरवाही भारी पड़ी है। दीपावली पर मुनाफा कमाने की सोच रहे 118 आतिशबाजों के अरमानों पर पानी फिर गया। अब ऐसे आतिशबाज 49 हवाईदारों से पटाखा खरीदकर बेचेंगे। इसके लिए उन्हें तीन दिनों के लिए अस्थायी लाइसेंस बनवाना होगा। नियमों का पालन करने पर ही सशर्त उन्हें लाइसेंस जारी होगा।
जिले में कुल 167 लाइसेंसी हवाईदार थे। आसपुर देवसरा के रामगंज और नगर कोतवाली के जिरियामऊ में पटाखा विस्फोट की घटना के बाद प्रशासन ने लाइसेंसी आतिशबाजों की गहनता से जांच कराई। फायरब्रिगेड व पुलिस के रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी संजीव रंजन ने 118 लाइसेंस निरस्त कर दिया। इनमें करीब 40 मृतक थे। अन्य लाइसेंसी तीन-चार साल से लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं करा रहे थे। इसमें 80 लाइसेंसी पटाखा बनाने और बेचने वाले थे। अब केवल 49 लाइसेंसी हवाईदार ही बचे हैं। लाइसेंस निरस्त होने से परेशान इमामुन्ननिशा, चांदबाबू, मो. मुर्तजा, मोहम्मद जुम्मू, मोहम्मद मुस्तफा उर्फ ननकुल्ले, रहमत अली उर्फ अयूब का कहना है कि प्रशासन की सख्ती के चलते इस बार न तो पटाखा बनाया और न ही डंप किया है। अब दूसरे हवाईदारों से पटाखा खरीदकर दीपावली पर बेचने का काम करेंगे। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी राधेश्याम दुबे का कहना है कि नियमानुसार आतिशबाजी का काम करने वाले नया आवेदन कर सकते हैं।