विधानसभा में बोलते विधायक राजाभैया।
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मानसून सत्र के तीसरे दिन उत्तर प्रदेश नजूल संपत्ति 2024 विधेयक विपक्षी दलों के भारी विरोध के बाद भी पारित हो गया है। हालांकि विपक्ष के साथ ही सत्ता पक्ष से जुड़े विधायकों की ओर से इस पर आपत्ति के कारण मामले को प्रवर समिति को भेज दिया गया है। प्रतापगढ़ जिले के कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया ने इसमें संशोधन करने की बात कही है। कुंडा विधायक राजा भैया ने कहा कि ये जनता के हित में नहीं है, इसमें सुधार की आवश्यकता है।
जनसत्ता लोकतांत्रिक दल के मुखिया रघुराज प्रताप सिंह ने कहा कि नजूल भूमि विधेयक लाया गया है, हमने इस विधेयक का विरोध किया है। ये जनता के हित में नहीं है। इसमें सुधार करने को कहा गया है। राजा भैया ने सदन में कहा कि वे भाजपा विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह और हर्षवर्धन बाजपेयी के विचारों से सहमत हैं। इस विधेयक के गंभीर परिणाम होंगे। उदाहरण के तौर पर राजा भैया ने बताया कि इलाहाबाद हाई कोर्ट भी नजूल की जमीन पर है, तो क्या उसे भी खाली करा लिया जाएगा।
राजा भैया ने कहा कि पता नहीं कौन सा विकास करेंगे। इससे लाखों लोग बेघर हो जाएंगे। ये ना जनहित में है, ना विपक्ष और सत्तापक्ष में हित में है। ये विधेयक यहां आना ही नहीं चाहिए था। सरकार इसपर फिर से विचार करे, इसे प्रवर समिति को भेजा जाना चाहिए।
विपक्ष के अलावा सत्ता पक्ष की ओर से इस बिल का विरोध करने के कारण मामले को विधानसभा की प्रवर समिति को भेज दिया गया है। नजूल भूमि विधेयक को लेकर भाजपा के प्रयागराज शहर उत्तरी के विधायक हर्षवर्धन और पूर्व मंत्री सिद्धार्थनाथ ने भी आपत्ति जताई थी।