शक्ति की अराधना का महापर्व नवरात्र चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होगा। माता की याराधना के साथ नवसंवत्सर की भी शुरुआत हो जाएगी। इस बार नवरात्र में चार योग का महासंयोग बन रहा है। व्रत और पूजन के लिए नौ दिन मिलेंगे। देवी का आगमन नौका डोले पर होगा।
ज्योतिषाचार्य बालकृष्ण द्विवेदी ने बताया, इस बार चैत्र नवरात्र पूरे नौ दिनों का होगा। तीन सर्वार्थ सिद्धि, तीन रवि योग, दो अमृत सिद्धि योग और गुरु पुष्य का संयोग बनेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग 23, 27 और 30 मार्च को लगेगा। वहीं अमृत सिद्धि योग 27 व 30 मार्च और रवि योग 24, 26 तथा 29 मार्च को लगेगा।
नवरात्र के अंतिम दिन रामनवमी पर गुरु पुष्य योग का महासंयोग बन रहा है। जिले मे चैत्र नवरात्र पर नौ दुर्गा के साथ ही नौ गौरी पूजा का विधान है। 22 मार्च को प्रथम शैलपुत्री की पूजा के साथ घट स्थापना की जाएगी।
30 मार्च को महागौरी की पूजा के साथ ही रामनवमी भी मनाई जाएगी। पर्व का पारण 31 मार्च को होगा। दुर्गा सप्तशती के अनुसार नवरात्र बुधवार से शुरु हो रहा है। ऐसे में माता का आगमन नौका पर होगा जो फसल, धन-धान्य और विकास के लिए लाभदायक रहेगा।