नवरात्र के पहले सोमवार को शहर के मां बेल्हा देवी मंदिर में लगे मेेले में भीड़ उमड़ी रही। महिलाओं ने बच्चों का मुंडन करवा मनौती की पूरी की और हलुआ-पूड़ी का प्रसाद बांटा गया। जिले के अन्य देवी मंदिरों पर भी भीड़ रही। वैसे तो नवरात्र में बेल्हा देवी मंदिर में भीड़ रहती है। मगर सोमवार और शुक्रवार को यहां पर मेला लगता है। 11 अप्रैल को नवरात्र का पहला सोमवार पड़ा। अन्य दिनों की अपेक्षा इस दिन अधिक भीड़ थी। इससे बचने के लिए लोग सुबह से ही लाइन में लग गए थे।
दोपहर के बाद तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा रही। हर कोई दर्शन के लिए आतुर दिखा। मंदिर प्रांगण में जुटी महिलाएं अपने बच्चों का मुंडन कराने के लिए लाइन में लगी रहीं। मुंडन के बाद कड़ाही चढ़ाकर प्रसाद तैयार किया गया। देवीजी को इसका भोग लगाया गया। मेले के कारण मंदिर की रौनक बढ़ गई थी। सुबह से लेकर शाम तक चहल-पहल रही। नवरात्र में मां के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों की भीड़ शाम से आना शुरू हो गई। शाम की आरती के बाद देर रात तक भक्त मंदिर में जमा रहे। पूजा अर्चना होती रही।