फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कथा में कीर्तन पर झूमे श्रोता

Sat, 17 Jan 2015 01:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
कुंडा। गोपियों के कपड़े चुराकर भगवान ने उन्हें शिक्षा दी थी। अहंकार के साथ ही अज्ञानता का भी नाश करने के लिए उन्होंने यह लीला रची थी। यह बातें पटना नहर पर आयोजित कथा में व्यास अतुल जी महाराज ने कहीं। इस दौरान उनके गीत ‘मेरा मन बैरागी हो गया वृंदावन के मेले में’ पर श्रोता झूम उठे।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि व्यसनों में लिप्त गोप और गोपियों का भी उद्धार होना था। भगवान जहां भी रहे वहां के लोगों के लिए मोक्ष का द्वार बनते गए। इसी में से एक लीला यह भी थी। उन्होंने आध्यात्मिक कारण बताते हुए कहा कि गोपियों के वस्त्र चुराने के साथ ही श्रीकृष्ण ने गोपियों के अहंकार को भी चुरा लिया। उनके अंदर के अज्ञानरूपी अंधेरे को भी खत्म कर दिया। बताया कि श्रोता समुदाय को यह सीख लेनी चाहिए कि भगवान पूजा पाठ से नहीं दिल की श्रद्धा को देखते हैं। कथा के दौरान कीर्तन पर दर्शक झूमते रहे। इस मौके पर उमाशंकर, महादेव, गुडान नारेंद्र, विशम्भरनाथ, धीरेंद्र, सुरेंद्र, प्रेमचंद्र आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें