प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले को जलाने को लेकर पुलिस और कांग्रेसियों के बीच छीनाझपटी का खेल होता रहा। फिर भी दावा किया जा रहा है कि पुतले में आग लगा दी गई। इसे लेकर काफी देर तक एमडीपीजी कालेज में अफरातफरी का माहौल रहा।
यूथ कांग्रेस के लोकसभा क्षेत्र अध्यक्ष सूरज तिवारी ने केंद्र सरकार नीतियों के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन करने का ऐलान किया था। इसके चलते सोमवार सुबह से ही पुलिस पुतला दहनस्थल पर पहले से ही पहुुंच गई। भंगवा चुंगी चौकी प्रभारी वीके मिश्र के साथ ही एक्शन मोबाइल भी एमडीपीजी कालेज के गेट पर मौजूद थी। इस पर कांग्रेसी कॉलेज के भीतर ही पुतला बनाया।
जैसे ही वे लोग नारेबाजी करते हुए गेट से बाहर निकले, पुलिस उनसे पुतला छीनने लगी। इसी बीच एक कार्यकर्ता ने पुतले में आग लगा दी। कार्यकर्ता पुतला लेकर कालेज के भीतर भागे, लेकिन पुलिस ने पुतले को कब्जे में ले लिया। कांग्रेसी पुलिस से पुतला छीनने के लिए जोरआजमाइश करते रहे, लेकिन पुलिस ने पुतला बुझा दिया।
एमडीपीजी कालेज में सोमवार सुबह से पुलिस की मौजूदगी देख छात्र-छात्राएं सहमी थीं। एक दूसरे से पूछताछ करती रहीं। इस दौरान जैसे ही युवा कांग्रेसी और पुलिस के बीच पुतले को लेकर तकरार शुरू हुई। छात्राएं अनहोनी की आशंका से सहम गईं। जो छात्राएं गेट के करीब खड़ी थीं वे भागने लगीं। हालांकि पुलिस पुतला छीनने के बाद बाहर निकल आई। कांग्रेसी भी नारेबाजी कर शांत हो गए। इसके बाद छात्र-छात्राओं को मामला समझ में आया।
यूथ कांग्रेस के पदाधिकारियों की बैठक में प्रांतीय उपाध्यक्ष नीरज त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश और केंद्र की सरकारें एक हैं, जो किसान विरोधी हैं। भाजपा की नीतियां आम जनता के हित में नहीं हैं। किसानों का अहित कर केंद्र सरकार पूजीपंतियों की तिजोरी भरने का काम कर रही है। पुलिस के प्रयास के बावजूद प्रधानमंत्री का पुतला फूंकने में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता सफल रहे। बैठक में प्रवीन पांडेय, प्रशांत कुमार, सोनू, मोहम्मद वसीम, विनय कुमार समेत अन्य लोग मौजूद रहे।