मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ चिकित्सकों के न होने के कारण आने वाले मरीजों का बेहतर उपचार नहीं हो पा रहा है। इससे जिले के लोगों को प्रयागराज अथवा लखनऊ के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इलाज से ज्यादा किराये में जेब ढीली करनी पड़ रही है। जिले के मरीजों की समस्याएं देखते हुए प्राचार्य ने शासन को पत्र भेजकर 40 एमडी चिकित्सकों की मांग की है।
जिला अस्पताल को उच्चीकृत कर डॉ.सोने लाल पटेल मेडिकल कॉलेज का भले ही शुभारंभ हो गया, मगर यहां ह्दयरोग, मानसिक रोग, चर्म रोग विशेषज्ञ, संक्रामक रोग विशेषज्ञ, गैस्टोएंट्रोलॉजिस्ट,नेफ्रोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट समेत 40 रोग विशेषज्ञों की कमी है। इसकी वजह से मरीजों को प्रयागराज के लिए रेफर करना पड़ता है।
समस्या के बारे में शासन का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए बीते दिनों किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने मेडिकल कॉलेज की समस्यां को लेकर प्रदर्शन किए तो प्राचार्य ने शासन को पत्र भेजकर आईसीयू और एसएनसीयू के लिए प्रशिक्षित डॉक्टर, स्टाफ के साथ 40 रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की मांग की।
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने बताया,मार्च तक आईसीयू के साथ एसएनसीयू में प्रशिक्षित नए स्टाफ की तैनाती हो जाएगी। इससे जिले के लोगों को इलाज के लिए प्रयागराज नहीं जाना पड़ेगा।
Iविशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए शासन के पास डिमांड पत्र भेजा गया है। शासन से विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए हरी झंडी मिल गई है। मार्च से पहले चिकित्सकों की नियुक्ति कर आईसीयू और एसएनसीयू सहित अन्य व्यवस्था बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। II
डॉ.एसके श्रीवास्तव, प्राचार्य।I