अब महिलाओं को इलाज में सहूलियत मिल सकेगी। पहले बने सौ बिस्तरों के अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में मर्ज करने के बाद अब शासन ने शहर से पांच किमी के दायरे में सौ बिस्तरों का एमसीएच विंग बनाने का फैसला लिया है। इसके लिए सीएमओ ने प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है।
जिला और महिला अस्पताल को उच्चीकृत करते हुए शासन ने मेडिकल कॉलेज का दर्जा दे दिया। मेडिकल कॉलेज का संचालन भी शुरू हो गया। बीते चार वर्ष पहले महिला अस्पताल के ठीक बगल बनकर तैयार हुए सौ बिस्तरों के एमसीएस विंग को भी मेडिकल कॉलेज में मर्ज कर लिया गया।
इससे गर्भवती महिलाओं के साथ ही प्रसव पीड़िता तथा प्रसूताओं की परेशानी बढ़ गई। जांच और इलाज कराने के लिए उन्हें सीधे मेडिकल कॉलेज आना पड़ रहा है। भीड़ अधिक होने से यहां चिकित्सक सही से इलाज भी नहीं करते हैं। शासन ने एमसीएस विंग के निर्माण के लिए सीएमओ से शहर के पांच किमी में प्रस्ताव मांगा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.जीएम शुक्ला और डीपीएम राजशेखर ने इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। सीएमओ डॉ.जीएम शुक्ला ने बताया,प्रदेश भर में महज सात एमसीएस विंग बनाने की मंजूरी मिली है। इसके लिए जमीन तलाशी जा रही है।