पुलिसकर्मियों की हत्या और पिटाई को लेकर बदनाम हो चुके प्रतापगढ़ जिले पर शनिवार को एक और बदनुमा दाग लग गया। रानीगंज थाना क्षेत्र के बुढ़ौरा गांव में एक गुंडे ने दिनदहाड़े हल्का सिपाही राजकुमार सिंह (52) की गोली मारकर हत्या कर दी। सिपाही के साथ मौजूद पुलिसकर्मी भाग निकला। दबंग हत्यारोपी ने सिपाही को गोली मारने के बाद उसकी बाइक कूंच दी और अपने साथी के साथ फरार हो गया। घटना की जानकारी होने पर प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। तब तक आरोपी के परिवार के लोग घर में ताला बंद कर फरार हो चुके थे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हत्यारोपी की तलाश में टीम गठित कर दबिश शुरू कर दी है।
भदोही जनपद के सुरियावां थाना क्षेत्र के एकौनी गांव निवासी राजकुमार सिंह (52) 1986 में पुलिस में भर्ती हुए थे। मौजूदा समय में उसकी रानीगंज थाने में तैनाती थी। शनिवार को वह साथी सिपाही राजेंद्र के साथ कुंभापुर बुढ़ौरा हल्का क्षेत्र में आपराधिक प्रवृत्ति के इरशाद की तलाश व जांच करने गया था। दोनों बाइक से इरशाद के घर पहुंचे। परिवार के लोगों से इरशाद के बारे में पूछताछ करने के बाद मोबाइल से उसके मकान की फोटो खींची। सभी जानकारी करने के बाद सिपाही इरशाद की फोटो मांगने लगे। परिवार के लोगों ने फोटो न होने की बात बताई। इसके बाद सिपाही उसके घर से निकलने के लिए बाइक के पास पहुंचे, तभी पीछे के रास्ते से इरशाद आ गया। आए दिन दबिश देने की बात कहते हुए वह सिपाही राजकुमार सिंह से भिड़ गया। इस बीच उसने नाइन एमएम की पिस्टल निकालकर राजकुमार के सीने में गोली मार दी। यह देख दूसरा सिपाही राजेंद्र जान बचाकर भागने लगा। गोली लगने के बाद भी घायल सिपाही करीब तीन सौ मीटर दूर नहर तक भागा और एक घर के सामने गिर पड़ा। सिपाही को गोली मारने के बाद इरशाद ने तीन राउंड हवा में गोलियां चलाईं। इसके बाद उसने सिपाहियों की बाइक को कूंच डाला और अपने साथी के साथ बाइक से भाग निकला। सिपाही को गोली मारने की खबर मिलते ही रानीगंज थाने की पुलिस घटनास्थल की ओर भागी।
सूचना पर पुलिस अधीक्षक रोहन पी कनय, एएसपी पूर्वी स्वामीनाथ भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घायल सिपाही को पहले सीएचसी ले जाया गया। वहां उसकी हालत गंभीर देख डाक्टरों ने जिला अस्पताल भेज दिया। यहां डाक्टर सुमित पांडेय ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस को इरशाद के घर में ताला लटकता मिला। मौके से खोखा और सिपाही की क्षतिग्रस्त बाइक मिली। आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एएसपी की अगुवाई में दस टीमों का गठन कर सिपाही के हत्यारोपी की तलाश में दबिश दी जाने लगी। शाम को आईजी और डीआईजी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों ने थाने पर भगोड़े सिपाही राजेंद्र से घटना के बारे में जानकारी ली। इधर खबर मिलने के बाद परिजन रोते बिलखते अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में अपर जिलाधिकारी सोमदत्त मौर्य, सीआरओ रामसिंह, एएसपी पश्चिमी नीरज पांडेय, सीओ सिटी, नगर कोतवाल मौजूद रहे। बाद में पुलिस अधीक्षक अस्पताल पहुंचे और मृत सिपाही के परिजनों को सांत्वना देते हुए हत्यारोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही।