शहरी क्षेत्र में बने मकानों में व्यवसाय और मकान का क्षेत्रफल छिपाकर चोरी कर रहे लोगों पर अब नगर पालिका शिकंजा कसने की तैयारी में है। सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो नए सिरे से पूरे शहर का सर्वे कराया जाएगा। आवासीय मकानों से व्यवसाय चलाने वालों पर जुर्माना भी लगेगा। शासन के आदेश पर नगर पालिका प्रशासन ने इसकी कवायद तेज कर दी है।
नगर पालिका क्षेत्र में स्वकर निर्धारण योजना लागू है। मकान बनाने वालों को स्वयं अपना फार्म जमा करना होता है। आवासीय या व्यवसायिक मकानों का अलग-अलग कर लगाया जाता है। शपथ पत्र के साथ भूस्वामी के आवेदन पत्र पर ही नगर पालिका कर निर्धारित कर देती है। कभी-कभार संदेह होने पर जांच भी कराई जाती है। शासन ने शहर में निर्मित मकानों की गणना कराई।
इसके साथ ही पालिका में दर्ज आवासीय व व्यवसायिक मकानों की तुलना की गई। देखा गया कि ऐसे मकान जहां से व्यवसाय संचालित किया जा रहा है। उसे भी आवासीय दिखाया जा रहा है। ऐसे गृहस्वामी पर नगर पालिका शिकंजा कसने की तैयारी में है। स्वकर निर्धारण के तहत लोग भले ही पालिका को अपने मकान का क्षेत्रफल कम दर्शा कर गुमराह करने की कोशिश किए हैं लेकिन ऐसे लोगों की मंशा अब पूरी होने वाली नहीं है।
शासन के आदेश पर अब मकानों में दुकान संचालित करने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। पालिका प्रशासन शहर के सभी मकानों का नए सिरे से एजेंसी के माध्यम से सर्वे कराने पर रणनीति बना रही है। शहरी क्षेत्र में आवासीय मकान में व्यवसाय करने वाले ढाई हजार लोग पालिका प्रशासन की कार्रवाई की जद में आएंगे।
आग लगने पर खुली थी पोल
शहर के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के पीछे एक कारोबारी का मकान है। उस मकान के अलावा दूसरे मकान वह पूरे परिवार के साथ रहता था। मकान में शार्ट सर्किट के चलते आग लग गई। मकान के तहखाने में व ग्राउंड फ्लोर पर रखे कीमती सामान करीब चार घंटे तकजलते रहे। फायर ब्रिगेड की 15 गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। इसके बाद मकान में व्यवसायिक गतिविधियों को अंजाम देने का खुलासा हुआ था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में भी करीब दो हजार मकानों को व्यवसायिक स्थान के रूप में प्रयोग करने की बात सामने आई थी। ऐसे भू स्वामियों पर कार्रवाई के लिए पुलिस ने नगर पालिका के साथ ही जिला प्रशासन के अफसरों को भ्ाी पत्र लिखा था।
शहर के सर्वे के लिए नगर पालिका प्रशासन ने शुरू की कवायद
शहर के बहुत से मकानों में लोग व्यवसाय कर रहे हैं और वे मकान का ही टैक्स देते हैं। शासन के आदेश के क्रम में शहर का नए सिरे से सर्वे कराने की तैयारी चल रही है। ताकि पालिका की इनकम बढ़ाई जा सके। जिन लोगों ने शपथ पत्र दिया है कि उनके मकान में व्यवसायिक कार्य नहीं हो रहे। जांच में यदि ऐसा मिला कि उनके मकान में व्यवसायिक कार्य हो रहा है तो उनके ऊपर जुर्माना भी लगेगा।
अवधेश कुमार यादव, ईओ नगर पालिका।