कांग्रेस विधानमंडल दल का नेता बनाए जाने के बाद रामपुर खास की विधायक आराधना मिश्रा मोना का प्रदेश की सियासत में भी कद बढ़ा है। माना जा रहा है कि 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद उनकी सक्रियता और प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाए जाने के बाद उनके साथ बेहतर तालमेल और साथ रहकर जमीन पर संघर्ष करने के कारण पार्टी नेतृत्व ने भरोसा जताते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है।
मोना से पहले नौ बार रामपुर खास के विधायक और पूर्व राज्यसभा सांसद उनके पिता प्रमोद तिवारी भी लंबे समय तक कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता रहे।
लोकसभा चुनाव से पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाए जाने के बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने कई जिलों में ताबड़तोड़ दौरे किए। प्रयागराज से वाराणसी तक गंगा में नाव के जरिए निकली न्याय यात्रा में भी मोना लगातार प्रियंका गांधी के साथ थीं।
हाल के दिनों में सरकार के खिलाफ दो बड़े मामलों में मोना ने सड़क पर उतरकर कार्यकर्ताओं के साथ जबरदस्त प्रदर्शन किया था। उन्नाव रेप पीड़िता के रायबरेली में हुए हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद मोना ने लखनऊ में सीबीआई जांच की मांग करते हुए गिरफ्तारी दी थी।
इसके बाद उन्होंने पूर्व गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद पर लगे यौन शोषण के आरोपों के मामले में भी सरकार को घेरने का प्रयास किया था। प्रियंका के निर्देश पर पैदल न्याय यात्रा निकालने के लिए शाहजहांपुर जाते समय हरदोई में प्रशासन ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। सड़क पर उतरकर सत्ता के खिलाफ जुझारू तेवर दिखाने के कारण ही कांग्रेस नेतृत्व का उन पर भरोसा बढ़ा है।