सभा में बोलतीं सावित्री बाई फुले।
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राजधानी दिल्ली के जंतर- मंतर में देश का संविधान जलाया गया। बाबा साहब के खिलाफ नारेबाजी की गई। उन्हें अपमानित किया गया, मगर इसके बावजूद भी केंद्र की सरकार चुप बैठी है। अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। सरकार के इस रवैये से पूरा दलित समाज आहत है। इसे हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह बातें रविवार को बेल्हा आईं चर्चित भाजपा सांसद सावित्री बाई फुले ने नमो बुद्धाय जन सेवा समिति के तत्वाधान में आयोजित संविधान बचाओ, आरक्षण बचाओ महासम्मेलन में कही। अपनी बेबाक बयानबाजी से चर्चा में रहने वाली सांसद सावित्री बाई ने कहा कि सरकार चाहे जो भी रही हो, दलितों एवं पिछड़ों का शोषण होता रहा है। राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए उनका इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने केंद्र की मोदी व प्रदेश की योगी सरकार पर भी सवाल खड़ा करते हुए कहा कि इस सरकार में भी पिछड़ों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। उन्होंने कहा पूरे देश में इसके विरोध में आंदोलन शुरू हो गया है। दलितों एवं पिछड़ों में इसे लेकर काफी गुस्सा है। जब तक उनके साथ न्याय नहीं होगा। आन्दोलन जारी रहेगा। सुरक्षा के सवाल पर उन्होंने कहा कि हत्या, लूट, डकैती, छिनैती, दुष्कर्म की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। पुलिसिंग फेल है। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश सरोज, विशिष्ट अतिथि कन्हैया लाल सरोज, राम आसरे सरोज सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
सरकार हितैषी है तो नौंवी सूची में सुरक्षित करें आरक्षण व एससी एसटी एक्ट
सांसद सावित्री बाई ने कहा कि यदि सरकार वाकई दलितों की हितैषी है तो आरक्षण व एससी- एसटी एक्ट को नौंवी सूची में डालकर सुरक्षित करें। नौकरी में प्रमोशन में जो दलित चूक गए हैं। उन्हें भी उसका लाभ मिले। नौंवी सूची में डालकर सुरक्षित करने के बजाए, दलितों को गुमराह किया जा रहा है। मगर हम उनके बहकावे में आने वाले नहीं।
10 के पूर्णांक में एक भी नंबर पाने की हकदार नहीं मोदी सरकार
मीडिया से बात करते हुए सांसद सावित्री बाई फूले ने अपनी ही पार्टी की सरकारों को कोसा। कहा कि दलितों की बात करें तो केंद्र की मोदी सरकार व योगी सरकार दलितों के हितों की अनदेखी करती आ रही है। 10 अंक के पूर्णांक में सरकार एक भी अंक पाने की हकदार नहीं है।