काला धन और जाली नोट पर लगाम लगाने के लिए मंगलवार आधी रात से पांच सौ और हजार रुपये के नोट बंद करने की केंद्र सरकार की घोषणा के बाद बाजार में हाहाकार मच गया। आम आदमी से लेकर व्यापारी तक परेशान हो गए। एकबारगी तो किसी को कुछ समझ में नहीं आया। चारों तरफ हल्ला मचा पांच सौ, हजार रुपये का नोट बंद हो गया। काफी देर तक अफवाहों का दौर भी चलता रहा। जितने मुंह उतनी बातें होती रहीं। कुछ दुकानदारों ने नोट लेना बंद कर दिया। सिर्फ सौ रुपये की नोट ली जा रही थी। बाद में लोग टीवी से चिपक गए। न्यूज चैनलों पर मिली जानकारी के बाद लोग एक-दूसरे को तसल्ली देते रहे कि अभी बैंक में तीस दिसंबर तक एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट जमा किए जाएंगे। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
केंद्र सरकार ने मंगलवार रात से पांच सौ और एक हजार के नोट बंद कर दिए हैं। जिन लोगों के पास पुराने नोट हैं उन्हें 10 नवंबर से तीस दिसंबर तक बैंक में जमा कर बदलने का समय दिया गया है। अब सरकार पांच सौ और दो हजार की नई करेंसी चलाएगी। हालांकि बैंकों में इस तरह के नोट की अभी कमी है। इसलिए लोगों को अभी कुछ दिनों तक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। 8 और 9 नवंबर को एटीएम और बैंक भी बंद रहेंगे। साथ ही एक बार में आप एटीएम से दो हजार रुपये से अधिक नहीं निकाल सकेंगे। खाते से भी सप्ताह में सिर्फ दस हजार रुपये निकालें जा सकेंगे। हालांकि मेडिकल स्टोर, सरकारी अस्पताल, रेलेवे काउंटर और एयरपोर्ट पर 11 नवंबर की मध्यरात्रि तक छूट दी गई है। उधर, नोट बंद होने से सबसे ज्यादा परेशान व्यापारी थे। उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि पांच सौ और हजार के नोट लें या ना लें। कई दुकानदारों ने तो साफ मना कर दिया।
किराना कारोबारी राजेंद्र अग्रवाल ने बताया कि ग्राहकों की पांच सौ और हजार रुपये की नोट ली जाएगी। हमारे पास कोई काला धन नहीं है। इसलिए हम 30 दिसंबर तक बैंकों में लेनदेन करते रहेंगे। आटोमोबाइल्स कारोबारी भोले सिंह ने बताया कि समस्या जरूर है। अब ग्राहकों से चेक लिया जाएगा। पुुराने नोटों के पचड़े में नहीं फंसना है। होटल व्यापारी विष्णु खंडेलवाल ने कहा कि अभी व्यापारी ऊहापोह में हैं कि नोट लें कि न लें। दस रुपये के सिक्के का मामला अभी थमा नहीं था कि इस नए आदेश से व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सर्राफा कारोबारी प्रह्लाद खंडेलवाल ने कहा कि समझ में नहीं आ रहा कि क्या किया जाए और क्या न किया जाए। अभी इस पर आगे विचार किया जाएगा। किराना व्यापारी रमेश मोदनवाल ने कहा कि हम तो ग्राहकों से सिर्फ सौ रुपये का नोट लेंगे। क्या पता कल सरकार कह दे कि बैंकों में भी रुपये नहीं जमा किए जाएंगे।