जिले में नजीर के तौर पर खुलने वाले मॉडल स्कूलों में नए शैक्षिक सत्र से पाठन-पाठन नहीं प्रारंभ नहीं सकेगा। क्योंकि जिले को मिले सात मॉडल स्कूलों में पांच का भवन अभी तैयार नहीं हुआ है, जबकि दो स्कूलों का भवन तैयार होने के बाद ही अभी तक शिक्षकों और प्रिंसिपल की तैनाती नहीं हो पाई है। जिले के सात विकास खंडों में मॉडल स्कूलों के निर्माण के लिए शासन से धनराशि मिली थी। इन स्कूलों में जवाहर नवोदय विद्यालय की तर्ज पर कक्षा छह से बारह तक बच्चों के बच्चों को आवासीय शिक्षा प्रदान की जानी थी। इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा पूरी तरह नि:शुल्क थी। प्रत्येक मॉडल स्कूलों के निर्माण के लिए 2.11 करोड़ रुपये प्रति विद्यालय स्वीकृत था।
जिले के रामपुरसंग्रामगढ़ के सराय निर्भय, शिवगढ़ के कूराडीह, आसपुर देवसरा के महुली, संडवा चंद्रिका के अंतू और दिनवा दुबौली के भवन का निर्माण अधर में लटका हुआ है। अंतू और दिनवा दुबौली के निर्माण में कार्यदायी संस्था के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने कारण निर्माणाधीन कार्य भी ठप हो गया है। जिले के बाबागंज का महेवा मिल्किया और कालाकांकर ब्लॉक के मुरस्सापुर का भवन तो तैयार हो गया है, मगर अभी तक प्रिंसिपल और शिक्षकों की तैनाती नहीं होने से पठन-पाठन में बाधा उत्पन्न हो गई है। तीन वर्ष से निर्माणाधीन इन भवनों को वर्ष 2015 में बनकर तैयार हो जाना था। मगर कार्यदायी संस्थाओं की लापरवाही के चलते वर्ष 2016 में भी भवन का निर्माण प्रारंभ नहीं हो पाया है। डीआईओएस शिव कुमार ओझा ने बताया कि भवन तैयार करने के लिए कार्यदायी संस्थाओं को नोटिस जारी किया गया है।