कोतवाली देहात के भुआलपुर में शराब पार्टी के दौरान विवाद में साथियों ने मोबाइल कारीगर की हत्या कर शव बकुलाही नदी में दफना दिया। तीन दिन से तलाश कर रही पुलिस ने बुधवार को शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने छह नामजद व कुछ अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस तीन नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
मादूपुर निवासी सत्यजीत उर्फ बड़ेलाल ओझा (27) मोहनगंज में मोबाइल दुकानदार दुर्गेश शुक्ला की दुकान पर काम करता था। इसके पहले उसने बाजार के करीब ही चाय पान की दुकान भी खोल रखी थी। पिता गया प्रसाद ओझा के अनुसार हर दिन की तरह सोमवार को भी सत्यजीत दुर्गेश के साथ दुकान गया था। रात में वह नहीं लौटा तो परिजन उसकी तलाश करने लगे, लेकिन पता नहीं चला। परिजन दुर्गेश के घर पहुंचे। देखा तो उसके कपड़ों पर खून के छींटे पड़े हैं। उसने आरोप लगाया कि उसका लैपटाॅप व 80 हजार रुपये लूट लिए गए। उसके साथ सकरौली के पप्पू, अंबर मिश्रा, सुनील, मादूपुर के धर्मेंद्र व उदयभान भी थे। उसने साथ रहे सत्यजीत ओझा के बारे में कुछ नहीं बताया। आरोप है कि चार दिन पहले पप्पू से सत्यजीत की मारपीट हुई थी। आशंका जताई कि नामजद आरोपियों के अलावा अज्ञात लोगों ने उसके बेटे की हत्या कर शव छिपा दिया है।
जबकि साेमवार रात भुआलपुर गड़रान तालाब के करीब शराब पार्टी में शामिल दुर्गेश के साथ मौजूद लोगों ने सत्यजीत पर बाइक व रुपये लूटने का आरोप लगाया था। मौके पर पहुंची पुलिस छानबीन के बाद कुछ दूरी से बाइक बरामद कर लौट गई। सत्यजीत के न मिलने पर उसकी खोजबीन करना मुनासिब नहीं समझा। इधर, परिजनों की शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस ने कुछ देर बाद दुर्गेश समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। मंगलवार को भी पुलिस को कामयाबी नहीं मिली। बुधवार को एक आरोपी के हाथ लगने पर पुलिस ने देल्हूपुर सीमा क्षेत्र के पूरे नियादर गांव के करीब बकुलाही नदी में दफन सत्यजीत का शव बरामद किया। जानकारी के बाद परिजन रोने बिलखने लगे। कोतवाली देहात के थानाध्यक्ष विनीत उपाध्याय ने बताया कि दुर्गेश शुक्ल समेत छह व कुछ अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना में प्रयुक्त बोलेरो भी बरामद हो गई है। शराब पार्टी के दौरान कहासुनी के बीच मारपीट के बाद गला दबाकर सत्यजीत की हत्या को अंजाम दिया गया। कौन-कौन उसकी हत्या में शामिल थे। इसकी जांच चल रही है।
रोते बिलखते एसपी कार्यालय पहुंचे माता-पिता, तब हरकत में आई पुलिस
तीन दिन से गायब सत्यजीत की तलाश में कोतवाली देहात की पुलिस कितनी गंभीर रही इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शराब पार्टी में शामिल सभी लोगों से पूछताछ के बजाय केवल दुर्गेश को ही जांच में शामिल किया गया। बुधवार को बेटे के साथ अनहोनी की आशंका व मुकदमा दर्ज कराने के लिए बूढ़े माता-पिता रोते बिलखते पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। अफसरों को अपना दुखड़ा सुनाया। अफसरों की नाराजगी के बाद पुलिस हरकत में आई। शराब पार्टी के दौरान मौजूद एक आरोपी को उठाया। कुछ देर में ही उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली। उसकी निशानदेही पर शव भी बरामद हो गया। यदि मंगलवार को ही पुलिस सक्रियता दिखाती तो परिजनों को अफसरों के पास कार्रवाई के लिए न आना पड़ता।
तनाव को देखते हुए पुलिस ने डाला डेरा
मादूपुर के सत्यजीत के गायब होने से परेशान परिजन पहले ही हत्या की आशंका जता रहे थे। बुधवार को बकुलाही नदी से शव बरामद होने के बाद लोगों का गुस्सा भड़क उठा। तनाव को देखते हुए सिटी चौकी प्रभारी को मादूपुर में फोर्स के साथ लगाया गया है।