प्रतापगढ़। मीटर रीडर अब घर बैठकर कर मनमाने ढंग से बिजली खपत की मनमाने ढंग से रीडिंग नहीं कर सकेंगे। विभाग ने मीटर रीडरों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। अब मीटर रीडरों को रीडिंग के साथ ही उपभोक्ता के मीटर की फोटो भी लेनी होगी। जिसमें रीडिंग साफ दिखे। इतना ही नहीं विभागीय अधिकारी फोटो के जरिए रीडिंग की क्रास चेकिंग भी करेंगे। खामियां मिलने पर रीडरों पर शिंकजा भी कसा जाएगा।
बिजली चोरी रोकने के लिए विभाग घर- घर मीटर लगाओ अभियान की शुरुआत की है। क्या गांव, क्या शहर सभी जगह, उपभोक्ताओं के घरों में मीटर लगाए जा रहे हैं। शहर में भी सरकारी कार्यालयों एवं घरेलू कनेक्शन की नई सूची के मुताबिक मीटर लगाए जा रहे हैं। जिससे कि उपभोक्ता मीटर में छेड़छाड़ कर बिजली चोरी न कर सकें। इसके अलावा मीटर रीडरों पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है। अब मीटर रीडिंग के दौरान वह मनमानी नहीं कर सकेंगे। आमतौर देखा जाता था कि मीटर रीडर घर बैठे ही मनमाफिक रीडिंग का चार्ट बना लेते थे। मशीन में भी पंजीयन संख्या शो करता था। मगर उनकी इस कामचोरी के चलते उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ता था। खपत से अधिक बिल चार्ट देख वह हैरान हो जाते थे। इसे कम कराने के लिए उन्हें कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ता था।
मगर अब बिजली चोरी रोकने के साथ ही मीटर रीडरों की कामचोरी पर भी ब्रेक लगने जा रहा है। विभाग रीडिंग के लिए नया तरीका ईजाद कर रखा है। जिससे मीटर रीडर मनमर्जी नहीं कर सकेंगे। मीटर रीडर जितने भी कनेक्शन की रीडिंग करेंगे। वह सभी मीटरों के रीडिंग को कैमरे में कैद करेंगे। सभी फोटो ग्राफ्स को एक नए फाइल में सुरक्षित करके रखेंगे। यह कार्य सभी मीटर रीडर अपने- अपने हल्के में सुनिश्चित करेंगे। समय- समय पर फोटो ग्राफ्स की क्रास चेकिंग भी होगी। इससे मीटर रीडिंग के झोल का पता लग जाएगा। इस बारे में एसडीओ अजीत कुमार यादव ने बताया कि मीटर रीडिंग में पारदर्शिता रखने के लिए ऐसा किया गया है। उपभोक्ताओं द्वारा मीटर रीडिंग पर अक्सर सवाल उठाए जाते थे। अब ऐसा नहीं हो सकेगा। मीटर रीडरों की अनियमितता की पोल खुल जाएगी। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।