प्रदेश के अलग-अलग मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद 63 डॉक्टर ट्रेनिंग लेने जनपद पहुंचे हैं। जो इमरजेंसी के साथ अन्य वार्डों में ड्यूटी करेंगे। इससे मरीजों के उपचार में आसानी होगी।
डॉ. सोने लाल पटेल मेडिकल कॉलेज डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। वार्ड में भर्ती 40 मरीजों का इलाज करने के लिए एक डॉक्टर की जिम्मेदारी पूर्व प्राचार्य ने दे रखी थी। इससे मरीजों के साथ उनके तीमारदारों को परेशान होना पड़ता था। नवागत प्राचार्य डॉ. वीके पांडेय के कार्यभार संभालते ही एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद बाहर से 63 प्रशिक्षु डॉक्टर ट्रेनिंग लेने आ गए।
प्राचार्य ने इन ट्रेनी डॉक्टरों की ड्यूटी इमरजेंसी से लेकर अलग-अलग वार्ड में लगा दिया। जो वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ मरीजों के बेहतर उपचार की बारीकी सीखेंगे। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा पास होने वाले ट्रेनी डॉक्टरों को जेआर पद पर नौकरी मिलेगी। उन्होंने कहाकि इनके आने से मरीजों की परेशानी दूर होगी।