एमडीपीजी कालेज में स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिला लेने वाले छात्र-छात्राओं की इच्छा के बगैर उन्हें दूसरा विषय आवंटित कर दिया गया है। ऐसे में परेशान छात्र-छात्राएं विषय बदलवाने के लिए कालेज का चक्कर लगा रहे हैं। राज्य विश्वविद्यालय इलाहाबाद के निर्देश के अनुसार एमडीपीजी कालेज में दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। प्रवेश लेने के बाद उनका परीक्षा व रजिस्ट्रेशन फार्म भराया जा रहा है। वहीं बीए प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं का आरोप है कि उनकी इच्छा के बगैर प्रवेश कमेटी के सदस्यों ने मनमानी करते हुए उन्हें दूसरे विषय आवंटित कर दिए हैं। जिसमें उनकी कोई रुचि नहीं है। बीए प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं ने आवेदन के दौरान अपनी रुचि के अनुसार तीन विषय आवंटित किए जाने की मांग की थी, लेकिन काउंसलिंग के दौरान प्रवेश कमेटी के सदस्यों ने उनकी इच्छा को नजरअंदाज कर खूब मनमानी की। जिन विषयों के लिए आवेदन किया गया था, उसे कैंसिल कर दूसरे विषय आवंटित कर दिए हैं।
किसी को मनोविज्ञान तो किसी को दर्शनशास्त्र व संगीत जैसे विषय दे दिए गए हैं। ऐसे में जिन छात्र-छात्राआें ने इंटर में इन विषयों का अध्ययन नहीं किया है, उन्हें कालेज में पढ़ाई के दौरान दिक्कत हो सकती है। छात्र-छात्राओं का कहना है कि कई विषय ऐसे हैं जिसके लिए अभ्यर्थियों ने कम आवेदन किया था। ऐसे में उस विषय से प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या घट रही थी। जिसे पूरा करने के लिए प्रवेश कमेटी के सदस्यों ने मनमानी करते हुए जबरन छात्र-छात्राआें पर थोप दिया है। परेशान छात्र-छात्राएं विषयों को बदलवाने के लिए कालेज प्रशासन का चक्कर लगा रहे हैं। उनका कहना है कि छात्र-छात्राओं की मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे सुविधा शुल्क भी मांगा जा रहा है। वहीं छात्र-छात्राओं को डर बना हुआ है कि एक बार आनलाइन परीक्षा व रजिस्ट्रेशन फार्म भरे जाने के बाद विषय बदला नहीं जा सकेगा। मामले में कालेज के जनसूचनाधिकारी डॉ. सीएन पांडेय ने बताया कि महाविद्यालय के कक्षाओं की समय सारिणी के अनुसार छात्र-छात्राओं को विषय आवंटित किए गए हैं। असुविधा होने पर एक विषय बदला जा सकता है।