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कांग्रेस के गढ़ में सत्तापक्ष के ब्लाक प्रमुख हुए पैदल

Thu, 21 Sep 2017 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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प्रतापगढ़ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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लालगंज। कांग्रेस के गढ़ रामपुर खास में शासन की हनक के बावजूद सता पक्ष के लालगंज ब्लॉक प्रमुख पैदल हो गए। अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 53 सदस्याें ने मत दिया, जबकि प्रमुख के समर्थन में सिर्फ 15 सदस्य ही खड़े मिले। एक  मत अवैध घोषित किया गया। मतदान से पहले सदन में बहस के दौरान दोनाें खेमाें में तीखी झड़प देखने को मिली। आखिरकार गहमागहमी के माहौल में संपन्न हुई अविश्वास प्रस्ताव की बैठक में भाजपा समर्थित ब्लाक प्रमुख को करारी हार का सामना करना पड़ा।
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लागलंज के ब्लाक प्रमुख रमेश प्रताप सिंह के खिलाफ क्षेत्र पंचायत सदस्य सुरेंद्र सिंह की अगुवाई में बीते 22 अगस्त को अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। प्रमुख सत्तापक्ष के समर्थक हैं और उनके भाई नागेश प्रताप सिंह भाजपा से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। सत्ता पक्ष के ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने पर प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। कई दिन ऊहापोह के बाद जिला प्रशासन ने बीस सितंबर को अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए समय तय कर दिया। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा और कोर्ट ने भी बीस सितंबर को ही अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक कराए जाने का निर्देश जिला प्रशासन को दे दिया।

निर्धारित तिथि पर रिटर्निंग आफीसर ओमप्रकाश पांडेय ने ब्लाक सभागार में बीडीसी सदस्याें ने बैठक शुरू कराई। अविश्वास प्रस्ताव के समर्थक बीडीसी केडी मिश्र, धीरज पांडेय, गीता सिंह, पूनम द्विवेदी, सैयद शफीक, अरुण शुक्ला, चंद्रमौलि शुक्ल आदि ने ब्लाक प्रमुख पर गंभीर आरोप लगाया। कहा कि प्रमुख द्वारा विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता कराई गई। बहस के दौरान प्रमुख रमेश प्रताप सिंह ने जवाब देना शुरू किया, लेकिन कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी का बिना नाम लिए उन पर गंभीर आरोप लगाए तो सदन के सदस्य भड़क उठे। इसको लेकर दोनाें पक्षाें के बीच तीखी झड़प हो गई। अफसराें ने बीच बचावकर दोनाें पक्षाें को शांत कराया और बहस समाप्त करने की घोषणा की। बैठक में शामिल
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69 सदस्याें के मतदान के बाद मतगणना हुई।
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