पांच दिनाें पहले संदिग्ध परिस्थियाें में झुलसी विवाहिता की मौत के बाद घर के भीतर ही शव दफनाने की बात पर बवाल हो गया। विरोध करने पर मायकेवालों ने मारपीट व तोड़फोड़ की। ग्रामीण जुटने लगे तो मायके पक्ष के लोग जीप से भाग निकले। बाद में पुलिस की मौजूदगी में विवाहिता के शव का अंतिम संस्कार हो सका।
लालगंज कोतवाली के जेंवई ढेकहा निवासी शांति देवी पत्नी उमेश सरोज बीते सोमवार को संदिग्ध परिस्थियों के झुलस गई थी। लखनऊ में इलाज के दौरान शुक्रवार को उसकी सांसे थम गई। देर शाम उसका शव लेकर परिजन घर पहुंच गए। विवाहिता के मौत की जानकारी मिलने पर शनिवार को सुबह मायके पक्ष के दर्जनभर लोग दो जीप से सवार होकर जेंवई पहुंच गए। यहां पहुंचे मायके पक्ष के लोगाें ने विवाहिता को जलाकर मार डालने का आरोप लगाते हुए शव को घर के भीतर ही दफनाने का प्रयास करने लगे। इसका विरोध करने पर उक्त लोग हमलावर हो गए और मृतका के पति समेत परिजनों की पिटाई शुरू कर दी।
उनकी पिटाई करने के साथ ही घर में रखे सामान भी ले जाने लगे। दीवाल गिरा दी गई और सामानाें को तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। अचानक शुरू हुए बवाल के बाद गांव वाले जुटने लगे तो मायके पक्ष के लोग जीप से भाग निकले। बाद में गांव में हो रहे बवाल की सूचना पर रानीगंज कैथौला चौकी की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में मृतका के शव का अंतिम संस्कार हो सका। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। पुलिस का कहना है कि बवाल की सूचना पर मौके पर पहुंचे थे, लेकिन तब तक बवाल करने वाले लोग भाग निकले। तहरीर मिलेगी तो केस दर्ज किया जाएगा।