प्रतापगढ़। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी शिक्षकों की तैनाती करने वाला गिरोह सक्रिय है। सपा शासनकाल में अंतिम वर्ष में हुई तैनाती में अभी तक 21 अध्यापक फर्जी डिग्री पर नौकरी करते हुए पकड़े जाने पर बर्खास्त किया जा चुका है। विभाग में अभी ऐसे और भी अध्यापक हैं, मगर अधिकारी इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं कर रहे हैं।
जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी डिग्री पर नौकरी करने वाले अध्यापकों को पकड़ने के लिए विभाग कोई ठोस पहल नहीं कर रहा है। आलम यह है कि गैरजनपद से तबादले में आने वाले और नई नियुक्ति में फेक बोर्ड और संस्था की डिग्री लगाकर नौकरी हथिया ले रहे हैं। कर्मचारियों की मिलीभगत से बगैर सत्यापन ही वेतन जारी कर दिया जाता है। सत्यापन का अभिलेख बोर्ड पहुंचने के पहले ही खेल करने वाले अध्यापक पहुंचकर अपना काम तमाम कर लेते हैं। विभाग में फर्जी शिक्षकों की सुगबुगाहट बढ़ने पर बीएसए ने सत्यापन पर सख्ती बरतते हुए ऑनलाइन सत्यापन कराया, तो 21 शिक्षकों की डिग्री फर्जी निकल गई। विभाग ने नोटिस भेजा तो सात शिक्षक लौट कर जवाब देने नहीं आए, जबकि 14 शिक्षकों ने विभाग से वक्त मांगा।
मगर आज तक वह लौटकर दुबारा नहीं आए। बीएसए ने हाल में ही दो ऐेसे शिक्षकों को दबोच लिया था, जो फतेहपुर से तबादला कराकर जिले में आने के बाद कुंडा के स्कूलों में तैनाती प्राप्त कर ली थी। औचक निरीक्षण में शक होने पर बीएसए ने दोनों शिक्षकों को बाहर निकालने के साथ ही नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इस संदर्भ में बीएसए बीएन सिंह का कहना है कि 16448, 72,485 और ऊर्दू शिक्षक भर्ती में 21 अध्यापक ऐसे मिले हैं, जिनकी डिग्री फर्जी मिलने पर उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है। विभाग में और भी ऐसे शिक्षकों के होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। चुनाव के बाद जांच अभियान चलाकर ऐसे शिक्षकों को चिंहित करके बाहर किया जाएगा।