धनतेरस और दिवाली की बिक्री के लिए बाजार तैयार है। ज्वैलरी के साथ ही मूर्तियों की बड़ी रेंज दुकानों पर सज गई हैं। त्योहार से पहले सोने-चांदी की के दाम में कमी भी आई है। राजकोट के बने चांदी के बर्तन बाजार में आए हैं तो कोयंबटूर की ज्वैलरी भी मंगाई गई है।
15 दिन पहले सोने का भाव 31200 रुपये प्रति दस ग्राम था जो अब घटकर 30450 रुपये हो गए हैं। सात दिन पहले चांदी का दाम 45,000 रुपये प्रति किलोग्राम था। अब 42 हजार रुपये हो गया है यानि तीन हजार रुपये की कमी आई है। सराफ मनीष खंडेलवाल का कहना है कि दाम घटने के कारण दिवाली में सोने चांदी के कारोबार में इजाफा हो सकता है। इस त्योहार पर कोयंबटूर से नए डिजाइन के गहने आए हैं जो लोगों को खासा पसंद आएंगे। नामी कंपनियों के गहनों के मुकाबले उनके दाम भी कम हैं। राजकोट से चांदी के बर्तन भी मंगवाए गए हैं। चांदी के डॉलर व मूर्तियों की डिमांड हो सकती है। आभूषण कारोबारी मुश्ताक अहदम का कहना है कि चांदी की पूजा की थाली से लेकर ड्राईफ्रूट रखने वाले कटोरे और मोमबत्ती व धूपबत्ती स्टैंड तक उपलब्ध हैं। कुछ आइटम ऐसे हैं जिन्हे सोने का पानी चढ़ाकर गोल्डेन लुक दिया गया है। इसकी बिक्री इस बार होने की काफी उम्मीद है।
पीतल के बर्तनों का धंधा हो गया मंदाःकभी दिवाली और शादी विवाह में पीतल के बर्तनों का प्रचलन था। जस्ता व पीतल के बर्तन ही लोगों की पसंद हुआ करते हुए थे। मौजूदा समय में पीतल के बर्तनों का धंधा अब मंदा हो गया है। बर्तन के कारोबारी रमेश कुमार की मानें तो चूंकि पीतल के बर्तन काफी महंगे हो गए हैं। इसलिए लोग पीतल के बर्तनों की थाल तक ही सिमट कर रह गए हैं। इनकी भी बिक्री शादी-विवाह के दौरान ही होती है।