कई दिनों से आसमान में उमड़-घुमड़ कर रहे बादल आखिरकार मंगलवार रात मेहरबान हो गए। भोर में झमाझम बरसात हुई। दिन में भी कई चक्र में रिमझिम बारिश हुई। इससे जहां लोगों को गर्मी और उमस से निजात मिली वहीं बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए। मौसम विभाग ने मंगलवार रात से बुधवार दोपहर तक 62.0 मिमी बारिश होने की बात कही है। 22 जून को हुई बरसात ने पांच वर्षों का रिकार्ड तोड़ दिया है। मौसम विभाग ने तीन दिनों तक मानसून के सक्रिय रहने का दावा करते हुए इस वर्ष अपेक्षा से अधिक बरसात होने की संभावना जताई है।
जिले में सामान्यतय: 15 जून तक मानसून आने की संभावना रहती है, लेकिन आम तौर पर बारिश 20 जून के बाद ही होती है। बीते वर्ष जिले में 27 जून को मानसून ने दस्तक दी थी, लेकिन इस बार इंद्रदेव मेहरबान हुए और 21 जून की रात में ही झमाझम हो गई। मौसम विभाग के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो वर्ष 2011 में 21 जून को बरसात हुई थी। इससे पांच साल बाद ऐसा संयोग बना है कि 25 जून के पहले जिले में मानसून ने दस्तक दी है। मंगलवार की रात और बुधवार को हुई बरसात से जिले का कोई भी कोना अछूता नहीं रहा। पहले दिन कुल 62.0 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। मौसम विभाग के विशेषज्ञ देशराज मीना ने बताया कि जिले में तीन दिन तक मानसून सक्रिय रहेगा।
इससे रुक-रुककर बारिश होती रहेगी। उन्होंने इस वर्ष अपेक्षा से अधिक बरसात होने का दावा किया है। बरसात का यह पानी ग्रामीण इलाकों खेतों में शाम तक जहां गायब हो गया था, वहीं शहर में लोगों के लिए आफत बना हुआ है। शहर की सड़कों पर जमा पानी में राहगीर फिसल-फिसलकर गिरते रहे, वहीं नगरपालिका कर्मी कचहरी और सिनेमा रोड से टैंकर से पानी निकालने में परेशान रहे। बुधवार को हुई पहली बरसात से आम लोगों को जहां भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों ने अगेती धान के लिए खेत की तैयारी शुरू कर दी है।