सांगीपुर के मंगापुर में लाखों की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन का निर्माण शासन ने कराया था। 11 वर्ष पहले बना भवन कार्यदायी संस्था ने आज तक हैंडओवर नहीं किया है। इस वजह से यहां मरीजों का इलाज भी नहीं शुरू किया जा सका है। शासन ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते सीएमओ से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है।
मंगापुर में 22 लाख की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण के लिए शासन ने हरी झंडी दी थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक वर्ष 2007 में कार्यदायी संस्था ने भवन का निर्माण शुरू किया था। वर्ष 2012 में भवन बनकर तैयार हो गया। मगर कार्यदायी संस्था ने भवन को स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं किया। इस वजह से आज तक सीएचसी का संचालन नहीं शुरू हो सका।
स्वास्थ्य विभाग के पूर्व जेई अवधेश कुमार यादव ने बताया कि भवन तैयार करने वाली कार्यदायी संस्था ने गुणवत्ता की ओर ध्यान नहीं दिया। लोगों ने इसकी शिकायत कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी से की थी। उन्होंने शासन से शिकायत करते हुए पूरे मामले की जानकारी दी। शासन ने टीएसी जांच बैठा दी। जांच में भवन को निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया।
कार्यदायी संस्था के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। भवन जस का तस खड़ा है।भवन की हालत देखकर सीएमओ ने हैंडओवर लेने से इन्कार कर दिया था। ऐसे में सीएचसी का संचालन नहीं शुरू हो सका। इससे स्थानीय लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। इलाज कराने के लिए 60 किमी दूर प्रतापगढ़ या फिर 50 किमी दूर रायबरेली जाना पड़ रहा है। शासन ने सीएमओ से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है कि किन कारणों से सीएचसी का संचालन नहीं शुरू हो सका।
बाहरी लोगों का कब्जा
मंगापुर सीएचसी के भवन में बाहरी लोगों ने कब्जा कर लिया है। कुछ दमकल कर्मियों के साथ स्वास्थ्य कर्मचारी इसी भवन में रहते हैं। मगर अस्पताल का संचालन नहीं शुरू हो सका।
क्या बोले स्थानीय लोग
मंगापुर से जिला मुख्यालय 60 तो रायबरेली जिला अस्पताल की दूरी 50 किमी है। नजदीक में कोई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी नहीं है। इससे हम लोगों को इलाज कराने के लिए परेशान होना पड़ता है।
विनोद मिश्र, राजापुर मंगापुर।
मंगापुर में सीएचसी के निर्माण होने से करीब 40 गांव के लोगों की परेशानी दूर हो जाएगी। इलाज कराने के लिए लालगंज या फिर रायबरेली नहीं जाना पड़ेगा। जो भवन बना है वह ठीक नहीं है।
रामराज यादव, सांगीपुर गंगापुर
शासन ने जो जानकारी मांगी है, उसे तीन के भीतर उपलब्ध कराएंगे। मंगापुर सीएचसी का भवन बनकर तैयार है। टीएसी जांच में उसे निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया है। इसलिए सीएचसी का संचालन नहीं किया गया। इस समय अपर निदेशक स्वास्थ्य के साथ विभागीय बैठक में हूं। लौटकर फाइल देखूंगा।
डॉ. जीएम शुक्ल, सीएमओ।
सांगीपुर ब्लाक के मंगापुर में स्थित अस्पताल। ंसवाद