किडनी के नाम पर ठगी करने वाले को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
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किडनी ट्रांसप्लांट कराने के नाम पर मरीज के परिजनों से 5.75 लाख रुपये की ठगी करने वाले जालसाज को रानीगंज पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर जेल भेजा। हालांकि उसे हिरासत में लेने का मामला बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर वायरल होता रहा।
सीओ रानीगंज विनय प्रभाकर साहनी ने बताया कि बस्ती के रहने वाले एक व्यक्ति से दिल्ली में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसकी पत्नी को किडनी ट्रांसप्लांट करने के लिए जनपद के रहने वाले एक व्यक्ति ने 5.75 लाख रुपये ले लिया था। पीड़ित की तहरीर पर बृहस्पतिवार को मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम 1994 के तहत दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। शुक्रवार को पुलिस टीम ने बभनमई गगिया के ककरहवा बीर बाबा के पास से बभनमई के रहने वाले रोहित कुमार यादव को पकड़ लिया।
पूछताछ में उसने बताया कि वह और उसकी साली पूर्व में अपनी किडनी बेच चुके हैं। फेसबुक के माध्यम से किडनी डोनर का ऐड (प्रचार ) करते हुए बीमार लोगों को इधर उधर से किडनी की व्यवस्था कराते हैं। जिससे उन लोगों को काफी रुपये मिल जाते हैं। इससे उनके घर का खर्च चलता है। वे किडनी खरीद फरोख्त का व्यापार करते है। मुकदमा दर्ज कराने वाले बस्ती जनपद के नगर कोतवाली कंपनी बाग गांधी नगर से दिल्ली के एक अस्पताल में मुलाकात हुई थी।
उसकी पत्नी किडनी की गम्भीर समस्या से पीड़ित है। उसे किडनी उपलब्ध कराने के लिए राजी करते हुए उससे 5.75 लाख रुपये लिए। किडनी डोनर का भी इंतजाम हो गया। कोलकाता में मजिस्ट्रेट के सामने शपथ पत्र भी दिलवा दिया गया। मगर बीच में बात बिगड़ गई। बाद में 70 हजार रुपये वापस भी किए। शेष रुपये के साथ किडनी का इंतजाम के प्रयास में था। मगर अब पकड़ा गया है। पकड़े गए रोहित कुमार यादव को लिखापढ़ी के बाद जेल भेजा गया।