कुंडा ब्लाक के रामापुर में इंटरलाकिंग की जांच करते अपरआयुक्त योगेश कुमार।
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कुंडा। अपर आयुक्त ने मंगलवार को अपनी टीम के साथ कुंडा इलाके के पांच गांवों का निरीक्षण किया। इस दौरान भारी अनियमितता सामने आई। काम से पहले ही भुगतान होने का मामला सामने आया। कागज पर कार्य प्रगति पर दिखाया गया, लेकिन मौके पर मजदूर नहीं थे। पोल खुली तो बीडीओ सहित अन्य अधिकारियों को पसीना आने लगा। अपर आयुक्त ने गांव में ही बारी-बारी से अधिकारियों की क्लास लगाई। 10 गांवों में जांच का लक्ष्य लेकर वह निकले थे, लेकिन पांच गांव की ही जांच हो पाई। इसके बाद वह लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
विकास खंड कुंडा में मनरेगा के तहत भारी संख्या में रोड, नाली सहित अन्य कार्याें को दिखाकर लाखों रुपये निकाले गए थे। इसके चलते अपर आयुक्त योगेश कुमार ने सीडीओ को पत्र लिखकर ब्लाक के काम में टापटेन गांवों में जांच करने की सूचना दी थी। मंगलवार को सुबह ही सीडीओ धीरेंद्र प्रताप सिंह जिले व ब्लाक की टीम के साथ डाकबंगले पहुंच गए। अपर आयुक्त योगेश कुमार के आते ही वह लोग सबसे पहले मझिल गांव में जांच के लिए पहुंचे। जांच के दौरान उन्होंने एक खड़ंजे के बारे में ग्रामीणों से जानकारी की। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि वह पूर्व में बनाया गया था। उधर कागजों पर इसका पैसा भी खारिज किया गया था। इसके बाद उन्होंने काम शुरू करने वाले स्थान पर बोर्ड की पड़ताल की जो नहीं लगा था।
इसके बाद उन्होंने इसी गांव के खान का पुरवा में नाली सहित विद्यालय में बन रहे मिनी आंगनबाड़ी केदं्र को देखा। कागज में पता चला कि इसका पूरा पैसा निकाला जा चुका है जबकि काम सिर्फ नींव भराई का ही चल रहा था। इसके बाद खिदिरपुर रामापुर में भी उन्होंने नाली खड़ंजा चेक किया। इस दौरान गांव में बनाई गई इंटरलाकिंग पर बोर्ड न होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की।
इसके साथ ही उसी रोड पर नीचे खड़ंजा भी चेक करने की बात कही। इसके बाद गांव में ही बकरी आदि देखकर पूछा कि इनके लिए शेड क्यों नहीं दिया गया है। यहीं पर एडवांस पेमेंट को लेकर उन्होंने एपीओ रियाज हुसैन को फटकार लगाई। इसके बाद डीहा गांव में प्राइमरी पर पहुंचे जहां अपडेट प्राइमरी देख वह वहां से लौट पड़े। बाद में गांव में खड़ंजा आदि की जांच में वह बोर्ड लगाने को ही लेकर अधिकारियों पर बरसते रहे। इसके बाद उन्होंने मिश्रदयालपुर और फिर हथिगवां में भी जांच की। करीब तीन बजे वह वहां से लौटकर डाकबंगले पहुंचे और सभी को जरूरी निर्देश देकर लखनऊ के लिए रवाना हो गए।