जिले से हजारों की संख्या में श्रद्घालु संगम नगरी में माघ मेला के लिए रवाना होने लगे हैं। जिले से हजारों की संख्या में लोग माघ के मेले में एक माह संगम तट पर रहते हैं। ऐसे में तमाम लोग रवाना हो गए हैं तो तमाम लोग रवानगी की तैयारी बना रहे हैं। संगम नगरी में लगने वाले मेले में कल्पवास करने के लिए यहां से श्रद्घालुओं के जत्थे रवाना होने लगे हैं। महीने भर पुण्य कमाने के उद्देश्य से ट्रक, ट्रैक्टर और निजी वाहन से लोग सामान लेकर निकलने लगे हैं। तम्बू, खाने-पीने के सामानों सहित अन्य तैयारी अभी भी कुछ लोग कर रहे हैं। यही नहीं नाते-रिश्तेदारों को भी जत्थे में जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ठंड व मौसम की खराबी के बावजूद आस्था भारी पड़ रही है। बुजुर्ग महिला, पुरुष हर हाल में संगम तट पर लगने वाले एक माह के माघ के मेले में रहना चाहते हैं।
कल्पवास करने वाले श्रद्धालुओं ने इलाहाबाद-फैजाबाद राजमार्ग पर गजेहड़ा जंगल के पास स्थित पुलिस बूथ खुलवाने की मांग की है। रात में ट्रक या मैजिक से सामान लेकर संगम नगरी जाने वाले लोगों के लिए यहां खतरा बना रहता है।
गजेहड़ा जंगल के पास पुलिस बूथ काफी दिनों से बना है। मगर लापरवाही का हाल ये है कि दिन तो दूर रात में भी बूथ पर ताला लटकता रहता है। इन दिनों संगम की रेती पर महीने भर रहकर कल्पवास करने वालों का जत्था रवाना होने लगा है। विश्वनाथगंज पार होने के बाद गजेहड़ा जंगल पहुंचते ही लोग एक बार सहम जाते हैं। जंगल में चालक भी डर की वजह से गाड़ी की रफ्तार तेज कर लेते हैं। इससे दुर्घटना होने का डर बना रहता है। कल्पवासियों ने जंगल में स्थापित पुलिस बूथ चालू करने की मांग की है।