प्राइमरी स्कूलों की पढ़ाई इन दिनों मजाक बन गई है। बीएसए के अवकाश पर होने से शिक्षक जहां मनमानी पर उतर आए हैं। वहीं बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगने से इस वर्ष की पढ़ाई पूरी तरह चौपट हो जाएगी। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में बेसिक शिक्षा विभाग के लगभग 2,700 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही है।
जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई मजाक बनकर रह गई है। दिसंबर और जनवरी माह में लगभग बीस दिन कड़ाके की ठंड के चलते स्कूलों में छुट्टी थी, तो इन दिनों बीएसए के अवकाश पर होने के कारण शिक्षक स्कूल छोड़कर अपना निजी काम निपटा रहे थे। छह फरवरी से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को नकल विहीन कराने के लिए 218 केंद्रों पर 2,700 शिक्षकों को तैनात किया जा रहा है। इतनी अधिक संख्या में अध्यापकों की ड्यूटी लगने से प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई बाधित होना स्वाभाविक है।
31 मार्च को ही सत्र समाप्त हो रहा है, ऐसे में 11 मार्च को बोर्ड परीक्षा से मुक्त होने के बाद अध्यापक जब स्कूल पहुचेंगे, तो उनके पास मात्र परीक्षा कराने का ही समय रहेगा। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई कब और कैसे होगी। फिलहाल विभागीय अधिकारी बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान न देकर बोर्ड परीक्षा पर अधिक जोर दे रहे हैं।