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प्रतापगढ़ : श्रद्धालुओं से भरी बेकाबू लोडर पलटी, दो युवतियों की दर्दनाक मौत, 19 घायल

Fri, 04 Aug 2023 06:38 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़

सार

श्रद्धालुओं से भरी तेज रफ्तार लोडर बेकाबू होकर पलटने से दो युवतियों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में उन्नीस श्रद्धालु घायल हो गए। तीन को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया। मृतकों व लहूलुहान घायलों के ट्रामा सेंटर पहुंचने पर ट्रामा सेंटर में अफरातफरी मच गई।
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घायल को अस्पताल में भर्ती कराते पुलिसकर्मी। - फोटो : अमर उजाला।
श्रद्धालुओं से भरी तेज रफ्तार लोडर बेकाबू होकर पलटने से दो युवतियों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में उन्नीस श्रद्धालु घायल हो गए। तीन को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया। मृतकों व लहूलुहान घायलों के ट्रामा सेंटर पहुंचने पर ट्रामा सेंटर में अफरातफरी मच गई। हादसा श्रद्धालुओं के संग्रामगढ़ इलाके से दर्शन करने बाबा घुइसरनाथ धाम जाते समय लालगंज इलाके में हुआ।

संग्रामगढ़ के लालूपट्टी गांव से शुक्रवार को रामसुमेर सरोज के परिवार की महिलाएं व बच्चे दर्शन पूजन व पूड़ी चढ़ाने लोडर से बाबा घुइसरनाथ धाम जा रहे थे। सुबह साढ़े ग्यारह बजे लालगंज कोतवाली के भेभौरा गांव के पास श्रद्धालुओं से खचाखच भरी लोडर अनियंत्रित होकर पलट गई। दर्दनाक हादसे में लालूपट्टी की रामसुमेर की १८ वर्षीय पुत्री सीमा व शिवा वैश्य की सुरेश सरोज की १८ वर्षीय पुत्री कोमल की लोडर से दबने से मौके पर ही मौत हो गई।

कोमल तीन बहनों में सबसे छोटी थी, जबकि सीमा दो भाई और तीन बहनों से सबसे छोटी थी। घटना में रामसुमेर (48), सुरसती (42), खुश्बू (30), राजा (14), अंशू (30), अंशिका (6), ऋषभ (3), शिवकुमारी (55), अमित कुमार (14), पूनम देवी (36), राजकली (54), खुशी सरोज (11), राज सरोज (14), सुमन (10), राघव (3), निशा (23), अभिषेक (17), रिशा सरोज (40) व चालक मनोज कुमार (25) घायल हो गए।
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घायलों के अस्पताल में भर्ती होने के बाद पहुंचे पुलिस अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला।
सूचना पर पहुंची पुलिस राहगीरों की मदद से घायलों को लालगंज ट्रामा सेंटर ले आई। बड़ी संख्या में घायलों के पहुंचने पर वहां अफरातफरी मच गई। उपचार के दौरान गंभीर रूप से घायल राजकली, निशा व रिशा सरोज को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घटना की जानकारी पर एसडीएम लालधर यादव व सीओ रामसूरत सोनकर ने ट्रामा सेंटर पहुंचकर अधीक्षक डॉ. अरविंद गुप्ता के साथ घायलों के उपचार का जायजा लिया। पुलिस ने दोनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।

हादसे के बाद घायलों को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया है। तीन घायलों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लिया है और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। -  राम सूरत सोनकर, सीओ, लालगंज
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अस्पताल में घायलों का हाल लेने पहुंचे उप जिलाधिकारी। - फोटो : अमर उजाला।
घटना स्थल से लालूपट्टी तक मच गई चीख पुकार, विलखते रहे परिजन
श्रद्धालुओं से भरी आटो लोडर के पलटने से दो श्रद्धालुओं की मौत और उन्नीस के घायल होने से घटना स्थल से लेकर श्रद्धालुओं के गांव लालूपट्टी तक चीखपुकार मच गई। हादसे के बाद मौके पर पड़े लहूलुहान श्रद्धालु कराह रहे थे। सबसे पहले मौके पर दरोगा राजेश कुमार पहुंचे। घायलों को अस्पताल ले जाने की व्यवस्था नहीं देख पलटे पड़े लोडर की मदद से दरोगा ने गंभीर रूप से घायलों को ट्रामा सेंटर पहुंचाया। इसके बाद तीन एंबुलेंस पहुंची और घायलों को ले जाया गया।

यहां आधे घंटे तक चीख पुकार मची रही। इसके बाद ट्रामा सेंटर में परिजन एक दूसरे की हालत देखकर बिलखते रहे। कोमल व सीमा के शव के पास परिजन दहाड़े मारकर रो रहे थे। परिजनों को अपने घायल होने से अधिक दर्द दोनों युवतियों की मौत से हो रहा था। पुलिस व स्वास्थ्य कर्मियों ने परिजनों को ढांढस बंधाया। श्रद्धालुओं के गांव जब घटना की सूचना मिली तो वहां भी कोहराम मच गया। परिजन व पड़ोसी रोने बिलखने लगे। कोहराम के बीच कुछ लोग घायलों की मदद से लिए लालगंज भागे। परिवार के लोगों को कुछ सूझ ही नहीं रहा था कि वह क्या करें। मौके से लेकर ट्रामा सेंटर व लालूपट्टी तक कोहराम व चीख पुकार सुनकर लोगों के आंखों में आंसू आ गए।

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लोडर वाहन, जिस पर बैठकर आ रहे थे श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला।
रास्ते में घर न होता तो बच जाती कोमल की जान

दर्दनाक हादसे में जाने गंवाने वाली कोमल सरोज को उसकी मौत ही खींच ले आई थी। कोमल लालगंज कोतवाली के शिवा वैश्य पूरे जोधा की रहने वाली थी। पिता सुरेश सरोज खेती किसानी करते हैं। वह तीन बहनों में सबसे छोटी थी। बड़ी बहन नेहा की शादी लालूपट्टी में हुई थी। बहन की ससुराल से कोमल के पास फोन आया कि उसके यहां से लोग घुइसरनाथ धाम जा रहे हैं।

रास्ते में कोमल का घर पड़ता था, जिसके चलते वह भी साथ जाने को तैयार हो गई। कोमल ने परिजनों को बताया कि वापस आते समय वह घर आ जाएगी। लेकिन दर्दनाक हादसे में उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी कोमल के परिजनों को हुई तो उनके पैरों तले की जमीन खिसक गई। परिजनों का कहना था कि रास्ते में घर नहीं पड़ता को कोमल साथ नहीं जाती और उसकी जान बच जाती। 
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घटना में मृत कोमल के घर पर जटी ग्रामीणों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
सामान ढ़ोने के परमिट पर सवारियां ढ़ो रहा था लोडर ...

जिस लोडर से हुए हादसे में दो श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई और उन्नीस लोग घायल हो गए, उसका सवारियां ढोने का परमिट नहीं था। यह वाहन सामान ढोने के लिए खरीदकर आरटीओ आफिस से पंजीकरण कराया गया था। चालक मनोज कुमार का घर भी लालूपट्टी में पड़ता है, जिसे बाबा धाम जाने के लिए बुक किया गया था। लोडर पर दस सवारियों को बैठने की जगह नहीं थी, इसके बाद भी २१ लोगों को भूसे की तरह भरा गया था।

कुछ लोग लोडर पर पीछे बैठे थे, जगह नहीं मिली तो डाले पर भी लड़कियां व बच्चे सहारा लेकर बैठे थे। खचाखच भरा लोडर तेज गति से बाबा धाम जा रहा था। इस बीच लालगंज के भेभौरा के समीप मोड़ पर चालक रफ्तार के चलते नियंत्रण खो बैठा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चलते लोडर का पीछे वाला डाला खुल गया और लोग रोड पर गिरने लगे। इस बीच चालक नियंत्रण खो बैठा और दर्दनाक हादसा हो गया।
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घटना के बाद अस्पताल में जुटी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
मां के इलाज के लिए अपना दर्द भूला मासूम बेटा

भेभौरा के समीप लोडर पहुंचने से दस वर्षीय अभिषेक सरोज व उसकी मां राजकली घायल हो गए। हादसे के बाद राजकली अचेत हो गई। ट्रामा सेंटर में पहुंचने पर मां की हालत गंभीर देख लहूलुहान बेटा अभिषेक अपना दर्द भूल गया। पुलिस व स्वास्थ्य कर्मी अभिषेक का इलाज करने लगे तो उसने इंकार करते हुए मां राजकली को जिला अस्पताल रेफर करने की जिद पर अड़ गया। काफी प्रयास के बाद भी वह इलाज के लिए तैयार नहीं हुआ। चिकित्सकों ने राजकली को रेफर किया तो खून से लथपथ अभिषेक एंबुलेंस में जाकर बैठ गया। उसने प्राथमिक उपचार भी नहीं कराया, बस चिल्लाता रहो कि मेरी मां की जान किसी तरह बचा लो।
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और कितनी मौतों के बाद टूटेगी नींद, हादसे के बाद भी फर्राटे भर रहे ओवरलोड लोडर

ओवरलोड व खस्ताहाल आटो से लगातार हो रहे हादसों के बाद भी प्रशासन व पुलिस की नींद नहीं टूट रही है। रोड पर दिनदहाड़े बेखौफ आटो चालक ओवरलोड फर्राटा भरते हैं। राहगीरों व नौनिहालों के जान से खिलवाड़ के लिए सरकारी मशीनरी जिम्मेदार है। लालगंज पुलिस सर्किल में लगातार हो रहे दर्दनाक हादसों के बाद भी जिम्मेदार अफसरों की आंखे नहीं खुल रही है। चेकिंग के नाम पर पुलिस कुंभकर्णी नींद सो रही है। जिसके चलते दर्दनाक हादसे लगातार हो रहे हैं। लालगंज सर्किल के लीलापुर थाना क्षेत्र के मोहनगंज बाजार में बीती दस जुलाई को टैंकर की चपेट में आने से आटो सवार १२ सवारियों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए थे।

जांच में आटो के ओवरलोड होने की बात सामने आई थी। लेकिन पुलिस ने ओवरलोड वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं की। बीते सोमवार को लालगंज तहसील के लक्ष्मणुपर में छात्रों को लेकर स्कूल जा रही ओवरलोड मैजिक सामने से आ रही लोडर की चपेट में आने से दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसें में एक छात्रा की मौत हो गई और तेरह बच्चे घायल हो गए। बृहस्पतिवार को लीलापुर के इटौरी में अनफिट स्कूली वाहन खड्ड में चला गया। जिसमें आठ बच्चे बाल बाल बचे। इन हादसों से लालगंज सर्किल की पुलिस ने सबक नहीं लिया और कुंभीकर्णी नींद में सोती रही।
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पुलिस की लापरवाही से अवैध रूप से आटो ओवरलोड सवारियों लेकर फर्राटा भरते रहे। शुक्रवार को लालगंज के भेभौरा में हुआ हादसा भी पुलिस की लापरवाही के चलते हुआ। योगी सरकार ने ट्रैक्टर व मालवाहक वाहनों पर सवारियों ढोने से प्रतिबंध लगाया है। ऐसे में लोडर पर २१ सवारियां लेकर लालगंज इलाके से आटो लोडर जा रहा था, लेकिन पुलिस कर्मी आंखे बंद कर देखते रहे। यह वाहन उसी रास्ते पर जा रहा था, जिसे कांवड़ यात्रा के लिए सुरक्षित रखा गया। जहां हादसा हुआ वहां से सौ मीटर दूरी पर पुलिस का बैरिकेड भी है। लेकिन इसके बाद भी लोडर पुलिस की आंख के सामने से निकलता है और हादसे का शिकार हो जाता है।
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