प्रतापगढ़। जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए मतदान करने वाले सदस्यों को साक्षर व निरक्षर मानने का मापदंड बन गया है। नामांकन के दौरान जिन लोगों ने हस्ताक्षर किया है। उन्हें साक्षर माना ज0ाएगा। निर्वाचन से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी ऐसे सदस्यों का नामांकन पत्र खंगाल रहे हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए 1 जनवरी 2016 को नामांकन होगा। 4 जनवरी तक प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकते हैं। जिले में कुल 61 जिला पंचायत सदस्य हैं। इनमे से कई महिला और पुरुष के अशिक्षित होने की बात सामने आने लगी। चूंकि अध्यक्ष के चुनाव में लिखना होता है। इसलिए निरक्षर सदस्यों को सहायक भी देना होगा। साक्षर और निरक्षर का पैमाना तय करने के लिए अपर जिला मजिस्ट्रेट पुनीत शुक्ला के दिशा निर्देशन में सहायक निर्वाचन अधिकारी पंचायत एसपी बर्नवाल सदस्यों को साक्षर और निरक्षर की खोजबीन प्रारंभ कर दिए हैं। सूत्रों की मानें तो आयोग के दिशा निर्देश के तहत नामांकन के दौरान जीते हुए जिन सदस्यों ने नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर किया होगा।
वे साक्षर माने जाएंगे। जिन सदस्यों ने हस्ताक्षर नहीं किया होगा। वे निरक्षर माने जाएंगे। उन लोगों को मतदान के दौरान सहायक देने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। मतदान के पहले सदस्यों के निरक्षर का दौर तेज होता है। इसलिए पहले से पारदर्शी चुनाव कराने के लिए अधिकारी अभी से ही तैयारियां प्रारंभ कर दिए हैं। सदस्यों के नामांकन पत्रों की जांच की जा रही है। सहायक निर्वाचन अधिकारी एसपी बर्नवाल ने बताया कि अभी नामांकन पत्रों की खोजबीन की जा रही है ताकि ऐसे लोगों की सूची तैयार की जा सके।
जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए 7 जनवरी को मतदान होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी की मौजूदगी में होने वाले चुनाव को लेकर सियासी दिग्गज हर दांव आजमाएंगे। हालांकि अभी तक केवल सपा ने ही पत्ता खोलते हुए उमाशंकर यादव को प्रत्याशी बनाया है। दूसरा चेहरा अभी तक सामने नहीं आ रहा। खास बात यह है कि मतदान के कुछ घंटे बाद ही परिणाम भी आ जाएगा।