कोरोना वायरस के चलते 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा के बाद सरकार ने सभी निराश्रितों को खाद्यान्न व रुपये देने का ऐलान किया है। जिले में अभी तक निराश्रितों की सूची तैयार नहीं हो सकी। ऐसे में अप्रैल माह की शुरुआत में निराश्रितों को राशन कैसे मुहैया होगा। नगर पालिका, नगर पंचायतों के अलावा ब्लाकों से सूची जिला पूर्ति कार्यालय उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था। मगर संबंधित विभागों के अधिकारियों की कुंभकर्णी नींद अभी तक नहीं खुल सकी।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लॉकडाउन की घोषणा के बाद जनता के हित में कई फैसले लिए। जिसमें सभी निराश्रितों को पांच-पांच किलो चावल व गेहूं और एक किलो चीनी मुहैया कराना था। अप्रैल माह शुरू होते ही सभी निराश्रितों को राशन मिलना था। इसके लिए अफसरों के आदेश पर सभी विकासखंडों, नगर पालिका और नगर पंचायतों से निराश्रितों की सूची मांगी गई। आनन-फानन में ब्लाक से लेकर नगर पालिका व नगर पंचायतों में सूची तैयार की जाने लगी। निराश्रित व्यक्ति का आधार कार्ड व बैंक खाता उपलब्ध कराना था। मगर निराश्रितों की सूची अभी तक पूरी नहीं हो सकी। जिला पूर्ति अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि अभी तक उन्हें पास निराश्रितों की सूची नहीं मिली है। सूची मिलते ही निराश्रितों को राशन देने का आदेश कोटेदारों को जारी कर दिया जाएगा।