विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही के शिकार संविदाकर्मी लाइनमैन संजीव सिंह की मौत से आक्रोशित परिजनों की मांग पर पहुंचे एक्सईएन व एसडीओ ने हर संभव मदद का भरोसा देते हुए 50 हजार रुपये दिया। तब 17 घंटे बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने को तैयार हुए।
बाघराय थाना क्षेत्र के भीटीपूरेनैन कमासिन निवासी संजीव सिंह (38) 19 अप्रैल सुबह आठ बजे के करीब हाईटेंशन लाइन ठीक कर रहा था। शटडाउन लेने के बाद भी अचानक आपूर्ति आने से वह झुलसकर गिर पड़ा। गंभीर रूप से घायल संजीव ने प्रयागराज में उपचार के दौरान शनिवार की रात दम तोड़ दिया। रविवार की शाम परिजन शव लेकर घर पहुंचे। लोगों का गुस्सा बिजली विभाग पर फूट पड़ा। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक बड़े अधिकारी नहीं आएंगे। तब तक अंतिम संस्कार नहीं होगा। परिजन मृतक के परिजन को 25 लाख रुपये, मृतक की पत्नी को नौकरी, दोषी लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस के समझाने का भी कोई असर नहीं रहा। थानाध्यक्ष निकेत भारद्वाज ने उप जिलाधिकारी कुंडा से फोन पर बात कराई लेकिन परिजन कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुए। सोमवार की सुबह पुलिस की मौजूदगी में एसडीओ पवन गुप्ता व एक्सईएन संदीप मौर्य मृतक लाइनमैन के घर पहुंचे। जहां गम व गुस्से के गुबार को देखते हुए अफसरों ने चुप्पी साधे रखी। करीब एक घंटे तक चली पंचायत के बाद एक्सईएन संदीप मौर्य ने भरोसा दिलाया के परिवार को साढ़े सात लाख रुपये, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, 35 सौ रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगा। विभाग की ओर से तुरंत 50 हजार रुपये पत्नी को अंतिम संस्कार के लिए दिया। मृतक की पत्नी की ओर से तीन सूत्रीय मांगपत्र भी डीएम को भेजा गया। तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात रही।